लखनऊ, 9 फरवरी 2026:
उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण प्रदेश की बदली हुई सूरत का आईना बनकर सामने आया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब पुराने ठहराव और अड़चनों से निकलकर तेज रफ्तार विकास की राह पर आगे बढ़ चुका है। सुशासन, मजबूत कानून-व्यवस्था, आर्थिक मजबूती, खेती-किसानी, महिला सशक्तिकरण, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण के मोर्चे पर प्रदेश ने ठोस काम किया है।
सख्त कानून-व्यवस्था से बना भरोसे का माहौल
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर अब हालात पहले जैसे नहीं रहे। संगठित अपराध और माफिया के खिलाफ सख्त रवैये से आम लोगों में भरोसा बढ़ा है। पुलिसिंग में तकनीक का इस्तेमाल, त्वरित कार्रवाई और पारदर्शी सिस्टम से सुरक्षा का माहौल बेहतर हुआ है। इसी वजह से निवेश, कारोबार और रोजगार के नए मौके बन रहे हैं।

प्रशासन व संस्थानों को मिली मजबूती
अभिभाषण में बताया गया कि बीते वर्षों में पुलिस, न्याय व्यवस्था और जेल सुधारों पर खास ध्यान दिया गया है। नई भर्तियों, प्रोन्नति और ढांचागत सुधारों से व्यवस्था मजबूत हुई है। अदालतों तक लोगों की पहुंच आसान हुई है और न्याय प्रक्रिया को तेज करने की दिशा में काम हुआ है।
सड़क, बिजली और कनेक्टिविटी पर रहा जोर
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में सड़कों, पुलों और कनेक्टिविटी पर लगातार काम हुआ है। शहरों से लेकर गांवों तक आवाजाही आसान हुई है। बिजली आपूर्ति में सुधार से लोगों को राहत मिली है और उद्योगों को भी सहूलियत हुई है। इससे रोजमर्रा की जिंदगी में बदलाव साफ दिख रहा है।
खेती, किसान व गांवों पर दिया खास ध्यान
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार की नीतियों का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि किसान, पशुपालक और ग्रामीण परिवार विकास के केंद्र में हैं। गन्ना, बागवानी, पशुपालन और गो-संरक्षण से गांवों में आमदनी के नए रास्ते खुले हैं। स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को भी आर्थिक तौर पर मजबूत किया गया है।
सामाजिक सुरक्षा व आवास योजना का दायरा बढ़ा
अभिभाषण में बताया गया कि गरीबों, श्रमिकों और जरूरतमंदों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दायरा बढ़ाया गया है। आवास योजनाओं से लोगों को पक्की छत मिली है और शहरी-ग्रामीण विकास को नई दिशा मिली है।
देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हुआ उत्तर प्रदेश
राज्यपाल ने कहा कि प्रशासनिक सुधार, वित्तीय अनुशासन और जनभागीदारी के सहारे उत्तर प्रदेश अब देश के अग्रणी राज्यों में अपनी जगह बना रहा है। आने वाले समय में प्रदेश विकास, अवसर और भरोसे का मजबूत मॉडल बनकर उभरेगा।






