अयोध्या में गर्मी का असर… रामलला की दिनचर्या बदली, भोग से लेकर वस्त्र तक सब हुआ हल्का
तापमान बढ़ते ही बदल गई सेवा-पूजा की व्यवस्था, ठंडे जल से स्नान और फूलों से आरती शुरू, गर्भगृह में कूलर लगे, जल्द एसी की तैयारी ताकि रामलला को गर्मी से राहत मिल सके
अयोध्या, 5 अप्रैल 2026:
बढ़ती गर्मी का असर अब राम मंदिर में विराजमान रामलला की सेवा-पूजा पर भी साफ दिखने लगा है। बाल स्वरूप में स्थापित रामलला की देखभाल खास तौर पर मौसम के हिसाब से की जाती है, ऐसे में तापमान बढ़ते ही उनकी दिनचर्या, भोग और वस्त्रों में बदलाव किया गया है।
दिन का पारा 34 डिग्री के पार पहुंचते ही भोग में भी बदलाव कर दिया गया है। पहले जहां खीर, पूड़ी, रबड़ी और पेड़ा जैसे भारी मिष्ठान्न चढ़ाए जाते थे, अब उनकी जगह दही, ताजे फल, जूस और लस्सी को शामिल किया गया है, ताकि गर्मी में राहत मिल सके।

स्नान की व्यवस्था भी बदली गई है। अब गुनगुने पानी की जगह ठंडे पानी से स्नान कराया जा रहा है। इसके साथ ही भारी कपड़ों की बजाय हल्के सूती और आरामदायक वस्त्र पहनाए जा रहे हैं, जिससे गर्मी का असर कम रहे।
पूजा पद्धति में भी बदलाव किया गया है। पुजारियों के मुताबिक पूर्णिमा के बाद से दीपों की जगह फूलों से आरती की जा रही है, ताकि आग की गर्मी से किसी तरह की असुविधा न हो। गर्भगृह में ठंडक बनाए रखने के लिए कूलर लगाए गए हैं और आने वाले दिनों में टॉवर एसी लगाने की तैयारी चल रही है, जिससे रामलला को पूरी तरह ठंडा और आरामदायक माहौल मिल सके।






