सीतापुर, 1 जनवरी 2026:
शहर कोतवाली क्षेत्र के दुर्गापुरवा मोहल्ले में रहने वाले एक डॉक्टर का शव उनके ही घर के अंदर संदिग्ध हालात में मिला। मृतक की पहचान दिव्यांग कल्याण अधिकारी (सेवानिवृत्त) 65 वर्षीय डॉ. जावेद फारुकी के रूप में हुई। पुलिस ने बाहर रह रहे उनके परिजनों को सूचना दे दी है।
बताया गया कि पूर्व दिव्यांग कल्याण अधिकारी डॉ. जावेद के घर का मुख्य दरवाजा बीते करीब 48 घंटों से अंदर से बंद था। इस दौरान घर के बाहर से तेज दुर्गंध आने लगी, जिससे मोहल्ले के लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। स्थानीय लोगों ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को देखते हुए गैस कटर की मदद से मुख्य दरवाजा काटकर घर में प्रवेश किया।
घर के अंदर चारपाई पर डॉक्टर जावेद फारुकी का शव पड़ा मिला। पुलिस के अनुसार डॉक्टर चारपाई पर लेटे हुए थे और उनके हाथ में बिस्किट था, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि वे खा रहे थे तभी कुछ हुआ। शुरुआती जांच में पुलिस ने हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई है, हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे घटनाक्रम की सूचना परिजनों को दे दी गई है। बताया गया है कि मृतक की पत्नी प्रयागराज जिले के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं और फिलहाल वहीं रह रही थीं। मृतक की दो बेटियां भी हैं। बड़ी बेटी मरियम की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बेटी आमना पीएचडी की पढ़ाई कर रही है। घर में जबरन प्रवेश या किसी तरह के संघर्ष के कोई निशान नहीं मिले हैं। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।






