लखनऊ, 26 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कवि सम्मेलन और मुशायरे का शुभारंभ नगर मजिस्ट्रेट ज्ञान चंद्र गुप्ता द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ सुल्तान शकीरा हाशमी ने की। इस साहित्यिक आयोजन में देशभक्ति, संविधान और राष्ट्रीय एकता पर आधारित रचनाओं ने माहौल को भावनात्मक और प्रेरणादायक बनाया ।
साहित्यकारों को मिले प्रतिष्ठित सम्मान
कार्यक्रम के दौरान चीफ वार्डेन अमरनाथ मिश्रा ने साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कवियों और कवयित्रियों को सम्मानित किया। श्रीमती सरला शर्मा (आस्मां) को सुभद्रा कुमारी चौहान सम्मान 2026, श्रीमती रूप पांडे (सतरूपा) को मीराबाई सम्मान 2026, फैज खुमार बाराबंकी को कैफी आजमी सम्मान 2026, सुश्री रुबीना अयाज को सरोजिनी नायडू सम्मान 2026 और सुश्री श्वेता शुक्ला को अमृता प्रीतम सम्मान 2026 प्रदान किया गया। वहीं डॉ जुबेर अंसारी को मजरूह सुल्तानपुरी सम्मान 2026 और कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ सुल्तान शकीरा हाशमी को मुंशी प्रेमचंद सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया।

कविताओं में दिखा देशभक्ति और संविधान का सम्मान
कवि सम्मेलन में प्रस्तुत रचनाओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कवयित्री श्वेता शुक्ला ने तिरंगे और वंदे मातरम पर आधारित कविता से देशप्रेम का संदेश दिया। कवयित्री रूपा पांडे ने वंदे मातरम की ऐतिहासिक विरासत को याद किया। डॉ जुबेर अंसारी ने गणतंत्र दिवस के महत्व और सभी धर्मों के सम्मान पर अपनी कविता प्रस्तुत की। फैज खुमार बाराबंकवी और डॉ सुल्तान शाकिर हाशमी की रचनाओं ने भी देशभक्ति और भाईचारे का संदेश दिया।
सैकड़ों वार्डेन और अधिकारी रहे मौजूद
इस मौके पर चीफ वार्डेन अमरनाथ मिश्रा, गुरप्रीत सिंह सेठी, स्टाफ ऑफिसर ऋतुराज रस्तोगी, वरिष्ठ उपनियंत्रक मनोज वर्मा, एडीसी रेखा पांडेय, ममता रानी, आजाद नफीस, डिविजनल वार्डेन सुनील कुमार शुक्ला, नफीस अहमद, संजय जौहर, डिप्टी डिविजनल वार्डेन रामगोपाल सिंह, मुशीर अहमद, राजेंद्र श्रीवास्तव, मजीद खान, इमरान कुरैशी सहित सैकड़ों वार्डेन और अन्य लोग मौजूद रहे।
साहित्य के माध्यम से राष्ट्रीय एकता का संदेश
कार्यक्रम का समापन देशभक्ति और एकता के संदेश के साथ हुआ। कवि सम्मेलन और मुशायरे के माध्यम से गणतंत्र दिवस की भावना को साहित्य के जरिए जन-जन तक पहुंचाने का सफल प्रयास किया गया। उपस्थित श्रोताओं ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया।






