न्यूज डेस्क, 15 मार्च 2026:
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच हालात और तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि खाड़ी क्षेत्र में स्थायी शांति तभी संभव है जब अमेरिका पश्चिम एशिया से अपनी मौजूदगी खत्म करे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि क्षेत्र को सुरक्षित बनाना है तो बाहरी सैन्य दखल खत्म होना जरूरी है।
इस बीच हालात तब और बिगड़ गए जब अमेरिका ने ईरान के खर्ग द्वीप स्थित तेल केंद्र पर हमला किया। खर्ग द्वीप को ईरान के तेल निर्यात की लाइफलाइन माना जाता है। यहां से देश के करीब 90 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात होता है। इस हमले के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए संयुक्त अरब अमीरात के कुछ बड़े बंदरगाहों के आसपास के इलाकों को खाली करने की चेतावनी दी है।

ईरान की समाचार एजेंसी तसनीम ने लोगों से दुबई के जेबेल अली पोर्ट, अबू धाबी के खलीफा पोर्ट और फुजैराह पोर्ट के आसपास से दूर रहने को कहा है। एजेंसी के मुताबिक इन इलाकों में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी होने के कारण ये स्थान संभावित सैन्य लक्ष्य बन सकते हैं।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर ऊर्जा क्षेत्र पर भी पड़ने लगा है। हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह बंदरगाह के पास ड्रोन हमला हुआ, जिससे वहां आग लग गई। हालांकि यूएई की रक्षा प्रणाली ने ड्रोन को रास्ते में ही रोक दिया था। ड्रोन के मलबे के गिरने से आग लगी, लेकिन किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
ईरान की सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने भी यूएई को कड़ा संदेश दिया है। संगठन के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफाघरी ने कहा कि अगर यूएई में अमेरिकी सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल किया गया तो वहां के बंदरगाह और सैन्य सुविधाएं भी ईरान के निशाने पर आ सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह टकराव और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर पड़ सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा संकट गहरा सकता है।






