लखनऊ, 21 फरवरी 2026:
राजधानी की सीजी सिटी स्थित द संस्कृति स्कूल में ‘मृदंगम-एक सांस्कृतिक संध्या’ में कला और सांस्कृतिक चेतना का बेहतरीन संगम देखने को मिला। इस कार्यक्रम का आयोजन अजारा अर्थकम्युनिटी और लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के सहयोग से किया गया था, जिसमें छात्र-छात्राओं ने अपनी मोहक प्रस्तुतियां दीं।
एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कला-संवर्धन, युवा सहभागिता और भगवद्गीता के शाश्वत संदेश को आधुनिक जीवनशैली से जोड़ना था। कार्यक्रम ने मूल्य-आधारित शिक्षा, नैतिक नेतृत्व और सांस्कृतिक चेतना के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

अतिथियों का स्वागत पारंपरिक नगाड़ा वादन के साथ किया गया। कला प्रदर्शनी ने भारतीय रचनात्मकता और परंपरा की एक सुंदर झलक प्रस्तुत की। अजारा अर्थकम्युनिटी की संस्थापक अदिति कुमार ने बताया कि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में मधुर बांसुरी वादन, पुनीत और उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत रासोत्सव नृत्य, और विद्यार्थियों की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इन प्रस्तुतियों ने भारतीय कला, अनुशासन और संस्कारों की जीवंत अभिव्यक्ति पेश की।
कार्यक्रम में ‘गीता कनेक्ट’ इंटरैक्टिव सत्र रहा, जिसे इस्कॉन, लखनऊ के उपाध्यक्ष दीनदयाल कृष्ण दास ने संचालित किया। उन्होंने नैतिक अभिभावकत्व, मूल्य-आधारित शिक्षा, नेतृत्व क्षमता, मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक संतुलन जैसे समकालीन मुद्दों पर विचार साझा किए। समापन कीर्तन और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। कार्यक्रम में लखनऊ के प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक प्रतिनिधियों, सांस्कृतिक व्यक्तित्वों, इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स मौजूद रहे।







