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आस्था के पर्व माघ मेला में सजा ‘कला संगम’ का मंच…संगीत-नृत्य की जुगलबंदी ने बिखेरा जादू

परेड ग्राउंड में लोक और शास्त्रीय कला की प्रस्तुतियों ने माघ मेले को बनाया और मनमोहक,, 30 जनवरी तक चलेगा आयोजन

प्रयागराज, 5 जनवरी 2026:

माघ मेला केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और कला का भी जीवंत संगम है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए माघ मेला क्षेत्र में कला संगम कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। उत्तर प्रदेश के संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में संगीत, नृत्य और लोक कला की प्रस्तुतियों ने मेले को सांस्कृतिक रंग में रंग दिया है।

लोक और शास्त्रीय संगीत की आकर्षक प्रस्तुति

माघ मेला क्षेत्र के परेड ग्राउंड में शुरू हुए कला संगम कार्यक्रम के पहले दिन लोक और शास्त्रीय संगीत की आकर्षक प्रस्तुतियां हुईं। उद्घाटन सत्र में उदय चंद्र परदेसी और उनकी टीम ने देवी लोकगीतों की प्रस्तुति दी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। लोक गायिका मालिनी अवस्थी के भजनों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया और श्रोता भावुक हो उठे। वाराणसी से आई राम जनम की टीम के शंख वादन ने कार्यक्रम में अलग ही ऊर्जा भर दी।

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संगीता के लोक गायन और कीर्ति के नृत्य की दिखी धूम

कार्यक्रम में संगीता मिश्रा ने लोक गायन की प्रस्तुति दी, जबकि लखनऊ से आए वरुण मिश्रा के शास्त्रीय गायन को भी खूब सराहना मिली। लोक और शास्त्रीय नृत्य का सुंदर मेल भी देखने को मिला। कीर्ति श्रीवास्तव के लोक नृत्य डेढ़इया और नीता जोशी के कथक नृत्य की जुगलबंदी ने दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन आभा मधुर ने किया।

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20 दिन तक चलेंगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

माघ मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि कला संगम कार्यक्रम 4 जनवरी से 30 जनवरी तक चलेगा। इस 20 दिवसीय आयोजन में 120 से अधिक लोक और शास्त्रीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

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