Lucknow City

लखनऊ में ‘खतरनाक मांझा’ का आतंक जारी… अब हुसैनगंज फ्लाईओवर पर दो लोग घायल

सख्ती के बावजूद नहीं थम रही घटनाएं, चार फरवरी को बाजारखाला क्षेत्र में खतरनाक मांझे की चपेट में आने से युवक की मौत के बाद सीएम योगी ने ऐसे मामले में दिए थे हत्या की एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश

लखनऊ, 6 मार्च 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ में खतरनाक चाइनीज मांझे का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती और प्रतिबंध के बावजूद शहर में इसकी बिक्री और इस्तेमाल लगातार जारी है। नतीजतन आए दिन लोग इसकी चपेट में आकर घायल हो रहे हैं। हुसैनगंज फ्लाईओवर पर गुरुवार शाम खतरनाक मांझे की चपेट में आने से पशुपालन विभाग के एक कर्मचारी समेत दो लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। दोनों को राहगीरों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।

हुसैनगंज के माल एवेन्यू निवासी राम खेलावन (54 वर्ष) पशुपालन विभाग में कार्यरत हैं। गुरुवार शाम करीब पांच बजे वह अपनी स्कूटी से कूलर बनवाने बाजार गए थे। लौटते समय जब वह हुसैनगंज फ्लाईओवर से गुजर रहे थे तभी अचानक हवा में लटक रहे खतरनाक मांझे की चपेट में आ गए। मांझा उनके गले में उलझ गया और तेज धार के कारण उनका गला कट गया। देखते ही देखते वह लहूलुहान हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें सिविल अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार कर उनकी जान बचाई।

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इसी फ्लाईओवर पर कुछ देर बाद एक और हादसा हुआ। सुशांत गोल्फ सिटी निवासी प्रणव यादव अपने दोस्त के साथ स्कूटी से पानदरीबा से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह हुसैनगंज फ्लाईओवर पहुंचे, स्कूटी चला रहे प्रणव का चेहरा अचानक खतरनाक मांझे में फंस गया। वह जब तक स्कूटी रोकते तब तक मांझे से उनकी नाक और कनपटी कट गई। उनके दोस्त ने तुरंत उन्हें सिविल अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उनकी नाक पर दो टांके लगाए।

मालूम हो कि चार फरवरी को बाजारखाला क्षेत्र में खतरनाक मांझे की चपेट में आने से दुबग्गा के सीते विहार कॉलोनी निवासी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव मो. शोएब (34) की मौत हो गई थी। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मांझे से होने वाली मौत के मामलों में हत्या की एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। साथ ही पूरे प्रदेश में खतरनाक मांझा बनाने और बेचने पर रोक लगाने का आदेश दिया गया था।

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इस निर्देश के बाद कुछ दिनों तक पुलिस ने शहर में चेकिंग अभियान चलाया और कुछ लोगों को पकड़ा भी किया लेकिन जल्द ही यह अभियान ठंडा पड़ गया। कोर्ट द्वारा प्रतिबंध के बावजूद बाजार में खतरनाक मांझा आसानी से उपलब्ध हो रहा है।

शहर में पिछले एक महीने में कई लोग इसकी चपेट में आकर घायल हो चुके हैं। 13 फरवरी को आलमबाग में ध्रुव नारायण, 7 फरवरी को चौक में नजम खान और 5 फरवरी को शहीद पथ पर सेवानिवृत्त फौजी बृजेश राय मांझे से घायल हुए थे। लगातार हो रही घटनाओं के बाद भी प्रशासन की ढिलाई लोगों की जान पर भारी पड़ती नजर आ रही है।

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