लखनऊ, 4 जनवरी 2026:
राजधानी लखनऊ स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय (DSMNRU) में प्रदेश का पहला राज्य विश्वविद्यालय स्तरीय ब्रेल पुस्तकालय शुरू हो गया है। यह पुस्तकालय स्वामी विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय के प्रथम तल पर स्थापित किया गया है, जहां 4000 से अधिक ब्रेल पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं।
पुस्तकालय का उद्घाटन कुलपति आचार्य संजय सिंह ने किया। इससे पहले उन्होंने विश्वविद्यालय के ब्रेल प्रेस परिसर में ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद विधिवत रूप से ब्रेल पुस्तकालय का शुभारंभ किया गया।
150 से ज्यादा विद्यार्थियों के बैठने की सुविधा
नए ब्रेल पुस्तकालय में 150 से अधिक पाठकों के एक साथ बैठकर अध्ययन करने की सुविधा है। यहां विश्वविद्यालय के ब्रेल प्रेस से प्रकाशित यूजी और पीजी स्तर के 54 पाठ्यक्रमों से जुड़ी एनईपी आधारित शैक्षणिक पुस्तकें रखी गई हैं। इतनी बड़ी संख्या में ब्रेल पुस्तकों का सुव्यवस्थित संग्रह तैयार करने वाला यह प्रदेश का पहला राज्य विश्वविद्यालय बन गया है।

कंप्यूटर प्रशिक्षण भी मिलेगा
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को आधुनिक कंप्यूटर प्रशिक्षण भी दिया जाए, ताकि वे पढ़ाई के साथ-साथ तकनीक से भी जुड़ सकें। उनका कहना था कि ब्रेल लिपि दृष्टिबाधित लोगों के लिए पढ़ाई का मजबूत जरिया है, जो उन्हें समाज से जोड़ती है।
10 हजार ब्रेल पुस्तकों तक पहुंचाने का लक्ष्य
पुस्तकालय प्रभारी प्रो. यशवंत वीरोदय ने बताया कि आने वाले समय में ब्रेल पुस्तकों की संख्या बढ़ाकर 10 हजार करने का लक्ष्य रखा गया है। यहां पाठ्य पुस्तकों के अलावा उपन्यास, नाटक, महापुरुषों की जीवनियां और अन्य साहित्यिक रचनाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बाहरी दृष्टि दिव्यांग भी ले सकेंगे लाभ
ब्रेल पुस्तकालय की सुविधा केवल विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं रहेगी। लखनऊ और आसपास के बाहरी दृष्टि दिव्यांग भी सदस्यता लेकर यहां अध्ययन कर सकेंगे। इसके लिए विशेष, आकस्मिक और कॉर्पोरेट सदस्यता की व्यवस्था की गई है। अलग-अलग श्रेणियों में शुल्क और नियम तय किए गए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस सुविधा का फायदा उठा सकें।
विद्यार्थियों ने जताया आभार
ब्रेल शोध छात्र अजय कुमार द्विवेदी, रोहित, राम सकल, मनोज और अजय समेत अन्य विद्यार्थियों ने इस पहल के लिए सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार जताया। विद्यार्थियों का कहना था कि ब्रेल पुस्तकालय शुरू होने से पढ़ाई अब और आसान होगी और उन्हें आगे बढ़ने का बेहतर मौका मिलेगा।





