लखनऊ, 27 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ‘यूपी दिवस 2026’ के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय भव्य सांस्कृतिक समारोह का रंगारंग समापन हो गया। 24 से 26 जनवरी तक राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर चले इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति, लोक परंपराओं और विकास यात्रा की झलक देखने को मिली। लाखों की संख्या में पहुंचे दर्शकों ने इस आयोजन को एक बड़े जन उत्सव का रूप दे दिया।
लोक कलाकारों और युवा संगीत का शानदार मेल
कार्यक्रम के दौरान लोक कलाकारों के साथ आधुनिक संगीत का अनोखा संगम देखने को मिला। इंडियन ओशन बैंड के रॉक और फ्यूजन संगीत ने खासतौर पर युवाओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं विनीत सिंह और प्रतिभा सिंह बघेल की प्रस्तुतियों ने संगीत प्रेमियों को भावविभोर कर दिया। मंच से पूरे प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता जीवंत नजर आई।

शास्त्रीय नृत्य और संगीत ने बांधा समां
संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित प्रस्तुतियों में शास्त्रीय और लोक कला का सुंदर संगम देखने को मिला। वाराणसी के सौरव और गौरव मिश्रा ने कथक नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि पूरन महाराज के तबला वादन ने मंच को गूंजा दिया। बनारस की श्वेता दुबे और आजमगढ के शीतला मोहन मिश्रा के गायन ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। लखनऊ के विशाल गुप्ता के शास्त्रीय नृत्य और उन्नाव के चंद्र भूषण के नाटक को भी खूब सराहना मिली।

दूसरे दिन लोक रंग और भक्ति की छटा
25 जनवरी को मुंबई से आए विनीत सिंह की सुगम संगीत प्रस्तुति कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। झांसी के वीरेंद्र सिंहल ने बुंदेली गायन से और लखनऊ की रंजना अग्रहरी ने लोक गीतों से मंच पर मिट्टी की खुशबू बिखेरी। वाराणसी के गणेश पाठक के भजन गायन ने भक्ति का माहौल बनाया। इसके अलावा झांसी की वंदना कुशवाहा का राई लोक नृत्य और राहुल व रोहित मिश्रा की कथक जोड़ी ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।

समापन दिवस पर भजनों और लोक नृत्य की धूम
26 जनवरी को यूपी दिवस समारोह के समापन अवसर पर प्रसिद्ध गायिका प्रतिभा सिंह बघेल की भजन और सुगम संगीत प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया। मथुरा की सुधा पाल ने लोक नृत्य और दिल्ली की देविका एस मंगलामुखी ने कथक नृत्य प्रस्तुत किया। लखनऊ के अजय पांडेय के लोक गीत, कौशांबी के छेदीलाल का बिरहा गायन और रायबरेली के शिव व शिवांग की प्रस्तुतियों के साथ समारोह का भव्य समापन हुआ।
ओडीओपी, ओडीओसी और कला गांव रहे आकर्षण
यूपी दिवस समारोह में मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाएं ओडीओसी यानी ‘एक जिला एक व्यंजन’ और ओडीओपी यानी ‘एक जिला एक उत्पाद’ लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। ओडीओसी के व्यंजनों ने प्रदेश के पारंपरिक स्वाद से परिचय कराया, जबकि ओडीओपी उत्पादों ने कारीगरी और शिल्प कला को मंच दिया।

कला गांव में दिखा ग्रामीण जीवन
संस्कृति विभाग द्वारा सजाया गया कला गांव ग्रामीण उत्तर प्रदेश की झलक दिखाता नजर आया, जहां रामायण के पात्र, कठपुतली नाच, रस्सी पर करतब और खाट पर चाय ने लोगों को खास अनुभव दिया। इस पूरे आयोजन ने न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि प्रदेशवासियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का अवसर भी दिया।







