लखनऊ/मेरठ/बागपत, 13 मार्च 2026:
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शुक्रवार को कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत की गई। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मेरठ और बागपत जिलों में 56 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन योजनाओं का उद्देश्य प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़कर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देना है।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मेरठ और बागपत महाभारत सर्किट और जैन सर्किट के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इन क्षेत्रों का संबंध देश के क्रांतिकारी इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़ा है। सरकार का प्रयास है कि धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक धरोहर और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं को एक साथ जोड़कर इन जिलों को बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।

मेरठ में पर्यटन विकास की कई परियोजनाएं शुरू
मेरठ दौरे के दौरान जयवीर सिंह ने औघड़नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद मेरठ कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए और शहीद स्मारक पहुंचकर पर्यटन विभाग की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मेरठ जिले में कुल पांच नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई है, जिनकी कुल लागत करीब 18.45 करोड़ रुपये है। इन योजनाओं के तहत हस्तिनापुर के समेकित पर्यटन विकास कार्य पर लगभग 15.04 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा परीक्षितगढ़ स्थित श्रृंगी ऋषि आश्रम के विकास पर 1.27 करोड़ रुपये, जानी ब्लॉक के मेझा गांव में गोरखधाम सेवा आश्रम के विकास पर 85.69 लाख रुपये, फतेहउल्लापुर स्थित मां ललिता देवी मंदिर के विकास पर 68.82 लाख रुपये और सती देवी मंदिर के पर्यटन विकास पर 59.30 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
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मेरठ में पांच परियोजनाओं का लोकार्पण
मेरठ में पांच अन्य परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया गया, जिन पर लगभग 11.76 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इनमें ग्राम पांचली में धनसिंह कोतवाल आर्ट गैलरी का निर्माण, नौचंदी मंदिर के पर्यटन विकास कार्य, सरधना चर्च के विकास कार्य, 1857 की क्रांति से जुड़े स्थलों और शहीद स्मारक के पर्यटन विकास कार्य तथा सिवालखास क्षेत्र में स्थित प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर के विकास कार्य शामिल हैं।
बागपत में भी पर्यटन परियोजनाओं को मिली गति
इसके बाद पर्यटन मंत्री बागपत पहुंचे, जहां परशुराम खेड़ा में तीन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। जिले में करीब 25.36 करोड़ रुपये की लागत से दो परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई है। इनमें पुरा महादेव मंदिर के पर्यटन विकास पर लगभग 24.12 करोड़ रुपये और बड़ौत क्षेत्र में स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम के विकास पर 1.24 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही अमर शहीद बाबा शाहमल सिंह के समाधि स्थल के पर्यटन विकास कार्य का लोकार्पण भी किया गया, जिस पर करीब 1.08 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा
जयवीर सिंह ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। इससे स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा और लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाया जाए।






