रायबरेली, 4 फरवरी 2026:
उत्तर प्रदेश के रायबरेली में आज नगर पालिका परिषद के अधिशासी अभियंता स्वर्ण सिंह के फैसले के खिलाफ सैकड़ों व्यापारी सड़कों पर उतर आए। दरअसल यहां सुपर मार्केट की पुरानी बिल्डिंग को गिराने और नए निर्माण के प्रस्ताव को लेकर दुकानदारों में भारी रोष देखने को मिला। व्यापारी सुपर मार्केट परिसर से पैदल चलते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और वहां धरना दिया।
कलेक्ट्रेट में गूंजे व्यापारियों के नारे
धरना प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ ‘व्यापारी एकता जिंदाबाद’ और ‘अधिशासी अधिकारी मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन कर रहे दुकानदारों ने अधिशासी अभियंता पर तानाशाही रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया और ‘ईओ तेरी तानाशाही नहीं चलेगी’ का नारे लगाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।

पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट बनी वजह
बताया जा रहा है कि पीडब्ल्यूडी विभाग की रिपोर्ट में सुपर मार्केट की कई साल पुरानी इमारत को कमजोर बताया गया है। इसी आधार पर नगर पालिका प्रशासन ने पूरी बिल्डिंग को गिराकर नया निर्माण कराने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस निर्णय से सुपर मार्केट में वर्षों से व्यापार कर रहे सैकड़ों दुकानदारों की आजीविका खतरे में पड़ गई है।
मरम्मत का विकल्प बताया
प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों का कहना है कि यदि भवन की स्थिति खराब है तो उसे दुरुस्त कराया जा सकता है। उनका आरोप है कि पूरी बिल्डिंग गिराने का फैसला नियमों के खिलाफ है। दुकानदारों ने यह भी कहा कि प्रशासन बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें हटाने की तैयारी कर रहा है, जिसे वे स्वीकार नहीं करेंगे।
चेतावनी के साथ प्रदर्शन समाप्त
व्यापारियों ने मांग की कि जब तक दुकानों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था तय नहीं होती, तब तक बिल्डिंग गिराने की प्रक्रिया रोकी जाए। प्रदर्शन में व्यापारी नेता पारुल बाजपेई, अतुल गुप्ता, पंकज मुरारका समेत बड़ी संख्या में दुकानदार शामिल रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन व्यापारियों ने साफ कहा कि मांगें अनसुनी रहीं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।






