लखनऊ, 1 फरवरी 2026:
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने पिपराघाट से शहीद पथ के बीच ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तीसरे चरण का काम शुरू कर दिया है। करीब पांच किलोमीटर लंबे इस हिस्से में कॉरिडोर बनने से कैंट इलाके से अयोध्या रोड और कानपुर रोड की तरफ आने-जाने वालों को बड़ी राहत मिलेगी। ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यह सफर कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकेगा।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने शनिवार को पूरे रूट का मौके पर जाकर जायजा लिया और काम की रफ्तार की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पिपराघाट रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने और दिलकुशा रोड को चौड़ा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छावनी बोर्ड से एनओसी लेकर रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी का निर्माण जल्द शुरू कराया जाए। प्रस्तावित आरओबी करीब 240 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा होगा।
निरीक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि दिलकुशा से ग्रीन कॉरिडोर को जोड़ने वाली सड़क फिलहाल नौ मीटर चौड़ी है। उपाध्यक्ष ने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर शुरू होने के बाद इस सड़क पर ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ेगा, इसलिए इसका चौड़ीकरण भी साथ-साथ कराया जाए। इसके बाद उन्होंने पिपराघाट से जी-20 रोड तक बनने वाले चार लेन पुल की साइट देखी। पुल निर्माण के लिए एजेंसी का चयन हो चुका है और एक हफ्ते के भीतर काम शुरू कराने के निर्देश दिए गए।

उपाध्यक्ष ने पिपराघाट से आर्मी लैंड के नाले तक बनने वाले 2.8 किलोमीटर लंबे चार लेन बंधे और आर्मी लैंड नाले से शहीद पथ तक के 2.5 किलोमीटर लंबे हिस्से का भी निरीक्षण किया। मौके पर मिट्टी भराई का काम चलता पाया गया। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि बारिश शुरू होने से पहले हर हाल में लैंड फिलिंग का काम पूरा कर लिया जाए। अधिकारियों ने बताया कि बंधे की मजबूती और सुरक्षा के लिए किनारों पर स्टोन पिचिंग कराई जाएगी।
इसके अलावा इकाना क्रिकेट स्टेडियम से किसान पथ के बीच प्रस्तावित ग्रीन कॉरिडोर के एलाइनमेंट का भी निरीक्षण किया गया। उपाध्यक्ष ने कहा कि बंधा और पुल निर्माण के लिए जिन काश्तकारों की जमीन ली जाएगी, उन्हें लैंड पूलिंग नीति के तहत वेलनेस सिटी में मुफ्त जमीन दी जाएगी। उन्होंने मौके पर ही साइट ऑफिस बनाने के निर्देश दिए, ताकि अर्जन से जुड़े अधिकारी नियमित रूप से वहां बैठकर काश्तकारों से बातचीत कर सकें और जमीन अर्जन से जुड़े मामलों का जल्द निस्तारण हो सके। निरीक्षण के दौरान संयुक्त सचिव सुशील प्रताप सिंह, मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, अधीक्षण अभियंता नवनीत शर्मा, जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी, अधिशासी अभियंता अजीत सिंह और मनोज सागर सहित कई अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे।






