बिजनेस डेस्क, 3 फरवरी 2026:
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर टैरिफ घटाने के ऐलान के बाद भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। ट्रम्प ने भारत पर लगाए गए टैरिफ को 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है। इस खबर का असर आज बाजार खुलते ही दिखा। सेंसेक्स 2300 अंकों यानी करीब 2.40 फीसदी की तेजी के साथ 84,600 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी भी 700 अंकों की छलांग लगाकर 25,800 के पास पहुंच गया।
रियल्टी, ऑटो और आईटी में सबसे ज्यादा खरीदारी
आज के कारोबार में रियल्टी, ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयर सबसे ज्यादा चमके। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स करीब 5 फीसदी चढ़ा है। आईटी और ऑटो इंडेक्स में भी करीब 4 फीसदी की मजबूती देखी गई। इसके अलावा मेटल, फार्मा, हेल्थकेयर और बैंकिंग इंडेक्स में लगभग 3 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। निफ्टी 50 के 50 शेयरों में से 46 में तेजी रही, जबकि सिर्फ 4 शेयर गिरावट में रहे।
बजट की गिरावट के बाद लगातार रिकवरी
1 फरवरी को बजट में एसटीटी टैक्स बढ़ाने के ऐलान के बाद बाजार पर दबाव बना था और सेंसेक्स 1,546 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ था। इसके अगले दिन यानी 2 फरवरी को बाजार ने संभलते हुए वापसी की और सेंसेक्स 943 अंक चढ़कर 81,666 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 262 अंकों की बढ़त के साथ 25,088 के स्तर पर बंद हुआ था। आज भारत-अमेरिका ट्रेड डील की खबर ने इस रिकवरी को और मजबूती दी है।
ट्रेड डील से अडाणी ग्रुप में जोरदार तेजी
भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील का सबसे बड़ा फायदा अडाणी ग्रुप को मिलता नजर आ रहा है। अडाणी ग्रुप के शेयरों में 13 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई है। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के मुताबिक, अडाणी ग्रुप का अमेरिका में कई सेक्टर में मजबूत कारोबार है, इसलिए निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। अडाणी ग्रीन 12.87 फीसदी चढ़कर 951.35 रुपये पर पहुंच गया। अडाणी एंटरप्राइजेज 11.4 फीसदी बढ़कर 2,222.35 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। अडाणी पोर्ट्स 8.35 फीसदी चढ़कर 1,519.80 रुपये और अडाणी पावर 7.75 फीसदी बढ़कर 145 रुपये पर पहुंच गया।
टैरिफ घटने से भारत को पांच बड़े फायदे
अमेरिका में टैरिफ घटने से भारतीय सामान अब वहां सस्ते होंगे, जिससे मेड इन इंडिया प्रोडक्ट की मांग बढ़ेगी। कपड़ा और गारमेंट सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि भारत के कुल कपड़ा निर्यात का 28 फीसदी हिस्सा अमेरिका जाता है। इसके अलावा इंजीनियरिंग और ऑटो पार्ट्स कंपनियों को नए और बड़े ऑर्डर मिल सकते हैं। सीफूड और ज्वैलरी कारोबारियों की लागत भी घटेगी। इस डील से शेयर बाजार का सेंटीमेंट मजबूत होगा और रुपये को भी सहारा मिलने की संभावना है।
ग्लोबल बाजारों से भी मिला सपोर्ट
एशियाई बाजारों में भी आज मजबूती देखने को मिली। जापान का निक्केई इंडेक्स 3.14 फीसदी चढ़कर 53,186 पर और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5.02 फीसदी की तेजी के साथ 5,198 पर कारोबार कर रहा है। हांगकांग का हैंगसेंग 0.20 फीसदी ऊपर 26,830 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.38 फीसदी चढ़कर 4,031 पर ट्रेड कर रहा है। अमेरिका में 2 फरवरी को डाउ जोंस 1.05 फीसदी चढ़कर 49,407 पर बंद हुआ था, जबकि नैस्डैक और एसएंडपी 500 में भी बढ़त रही।
एफआईआई की बिकवाली, डीआईआई का सहारा
2 फरवरी को विदेशी निवेशकों ने 1,859 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2,411 करोड़ रुपये की खरीदारी की। दिसंबर 2025 में एफआईआई ने कुल 34,350 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। इस दौरान डीआईआई ने 79,620 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को संभालने में अहम भूमिका निभाई।






