लखनऊ, 11 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले की रहने वाली एक सामान्य घरेलू महिला अरुणा ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर बताया कि उज्ज्वला योजना से उनकी ज़िंदगी कैसे आसान और बेहतर हुई। इस पत्र के जवाब में प्रधानमंत्री ने उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे आत्मीय संदेश राष्ट्रसेवा के लिए नई ऊर्जा देते हैं।
पहले गैस लेना था मुश्किल काम
अरुणा ने अपने पत्र में बताया कि उनकी शादी साल 2004 में हुई थी। उस समय गैस कनेक्शन मिलना आसान नहीं था। गैस बुक कराने के लिए लंबी कतारें लगती थीं, एजेंसी के कई चक्कर काटने पड़ते थे और कई बार मजबूरी में ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ता था। इससे घर का बजट बिगड़ता था और मानसिक तनाव भी रहता था।

उज्ज्वला योजना से आया बड़ा बदलाव
2014 के बाद उज्ज्वला योजना शुरू होने से हालात पूरी तरह बदल गए। अब मुफ्त गैस कनेक्शन, मोबाइल से बुकिंग, घर पर सिलेंडर की डिलीवरी और सब्सिडी सीधे बैंक खाते में मिलने लगी। इससे न सिर्फ़ समय बचा, बल्कि महिलाओं को राहत और सम्मान भी मिला।
15 मिनट में सिलेंडर पहुंचा घर
अरुणा ने एक छोटी लेकिन अहम घटना का ज़िक्र किया। एक दिन खाना बनाते वक्त गैस खत्म हो गई। पहले ऐसे हालात में पूरा काम रुक जाता था। लेकिन इस बार उनके पति के एक फोन पर सिर्फ़ 15 मिनट में भरा सिलेंडर घर पहुंच गया और समय पर खाना बन गया।

बातें छोटीं लेकिन असर बहुत बड़ा
अरुणा ने लिखा कि ये छोटी बातें लग सकती हैं, लेकिन ऐसे बदलावों ने आम महिलाओं की ज़िंदगी को सुरक्षित, आसान और बेहतर बना दिया है। अरुणा ने कहा कि प्रदेश में चलाई जा रही योजनाओं और उनकी सही डिलीवरी से आम लोगों के जीवन में बड़ा फर्क आया है। उज्ज्वला, बिजली, पानी, शौचालय, पक्का मकान और बैंकिंग सुविधाओं जैसी योजनाओं से भी महिलाओं को सहारा मिला है।
प्रधानमंत्री ने जवाब देकर जताया आभार
प्रधानमंत्री ने जवाबी पत्र में कहा कि बिजली, पानी और शौचालय से युक्त पक्के मकान, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, बैंक खातों के जरिए बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना, मुद्रा योजना जैसे अनेक प्रयासों के जरिए आज देश की महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त होता देखना अत्यंत सुखद है। मुझे गर्व है कि महिलाओं के नेतृत्व में विकास की राह पर आगे बढ़ता भारत विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि माताओं, बहनों और बेटियों का भरोसा और दुआएं ही उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देती हैं। आम लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव उनके लिए संतोष का विषय हैं।






