जर्मनी/बर्लिन/लखनऊ, 27 फरवरी 2026:
जर्मनी दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश को निवेश के मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने जहां रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में करीब 200 करोड़ रुपये के निवेश पर समझौता किया, वहीं जर्मनी से ही यूनाइटेड किंगडम के निवेशकों से सीधी बातचीत कर प्रदेश के लिए नए निवेश के रास्ते भी खोल दिए।
जर्मनी में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RAILONE GmbH के साथ हुए एमओयू के तहत प्रदेश में आधुनिक रेलवे ट्रैक और कंक्रीट स्लीपर तकनीक लाने की तैयारी है। दौरे के दौरान डिप्टी सीएम ने कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निशांत मित्तल से मुलाकात की और मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का निरीक्षण किया। प्रतिनिधिमंडल ने उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों और आधुनिक तकनीक को करीब से समझा।
सरकार का मानना है कि इस समझौते से प्रदेश में रेल नेटवर्क मजबूत होगा, कनेक्टिविटी बेहतर बनेगी और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। आधुनिक परिवहन ढांचा राज्य की आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभाएगा।

इसी बीच बर्लिन में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट के दौरान डिप्टी सीएम ने निवेश कूटनीति का नया तरीका अपनाया। व्यस्त कार्यक्रमों के चलते यूके का प्रस्तावित दौरा स्थगित कर दिया गया, लेकिन जर्मनी से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वहां के निवेशकों से वन टू वन बातचीत की गई। इस वर्चुअल संवाद में निवेशकों ने उत्तर प्रदेश में निवेश को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया।
जर्मनी प्रवास के दौरान ड्रोन तकनीक, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों में कई कंपनियों के साथ चर्चा हुई। कंपनियों ने प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, बेहतर कनेक्टिविटी और बड़े बाजार को निवेश के लिए अनुकूल बताया।
हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग के साथ सर्विस सेक्टर में भी खास दिलचस्पी सामने आई। आईटी सेवाएं, स्किल डेवलपमेंट, हेल्थकेयर सपोर्ट और लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट से जुड़ी कंपनियों ने प्रदेश के मानव संसाधन और उपभोक्ता बाजार को बड़ा अवसर माना।
यूके निवेशकों के साथ डिजिटल बैठक में औद्योगिक रोडमैप, सिंगल विंडो सिस्टम और त्वरित स्वीकृति प्रक्रिया की जानकारी साझा की गई। मेडिकल डिवाइस, वस्त्र, चमड़ा और फुटवियर, सेमीकंडक्टर, रक्षा, आईटी-आईटीईएस, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और 660 मेगावाट से अधिक डेटा सेंटर क्षमता जैसे क्षेत्रों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
डिप्टी सीएम ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश उद्योगों के लिए पारदर्शी और सहयोगी माहौल दे रहा है। भूमि आवंटन से लेकर संचालन तक प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा ताकि निवेश तेजी से जमीन पर उतर सके।






