लखनऊ, 14 दिसंबर 2025:
भाजपा ने यूपी में संगठनात्मक कमान पंकज चौधरी को सौंप दी है। इसके साथ ही पंकज चौधरी यूपी बीजेपी के 17वें प्रदेश अध्यक्ष बन गए हैं। कुर्मी बिरादरी से आने वाले पंकज चौधरी की नियुक्ति को संगठन में सामाजिक संतुलन और आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
यूपी बीजेपी के करीब साढ़े चार दशक लंबे इतिहास पर नजर डालें तो नेतृत्व में जातीय और राजनीतिक विविधता साफ दिखाई देती है। पार्टी बनने के बाद अब तक सात बार ब्राह्मण समाज के नेताओं को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। खास बात यह है कि ब्राह्मण वर्ग से छह अलग-अलग चेहरों ने यह जिम्मेदारी संभाली, जिनमें कलराज मिश्र ऐसे नेता रहे जिन्हें दो बार प्रदेश अध्यक्ष बनने का अवसर मिला।

पार्टी के इतिहास में अब तक दो ऐसे प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं जिन्हें आगे चलकर मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला। इनमें पहला नाम कल्याण सिंह का है। वे 1982 से 1984 के बीच यूपी बीजेपी के अध्यक्ष रहे। कल्याण सिंह दो बार यूपी के मुख्यमंत्री बने और एक बार सांसद भी रहे। दिसंबर 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के समय वे मुख्यमंत्री पद पर थे। दूसरा बड़ा नाम राजनाथ सिंह का है जो दो बार प्रदेश अध्यक्ष रहे और 2000 से 2002 तक यूपी के मुख्यमंत्री बने।
बीजेपी के गठन के बाद माधो प्रसाद त्रिपाठी पहले प्रदेश अध्यक्ष बने। 1980 से 1984 तक उन्होंने पार्टी का नेतृत्व किया और बाद में लोकसभा सांसद भी रहे। उनके बाद कल्याण सिंह ने करीब छह वर्षों तक संगठन की कमान संभाली। बीच में वे भाजपा से अलग भी हुए, लेकिन 2014 में उनकी पार्टी में वापसी हुई।
इसके बाद राजेंद्र कुमार गुप्ता, कलराज मिश्र, राजनाथ सिंह और ओम प्रकाश सिंह जैसे नेताओं ने अलग-अलग समय पर संगठन का नेतृत्व किया। ओम प्रकाश सिंह कुर्मी समाज से आने वाले पहले नेताओं में रहे जिन्हें यह जिम्मेदारी मिली, हालांकि उनका कार्यकाल सिर्फ सात महीने का रहा। कलराज मिश्र ने 1991 से 1997 तक लगातार छह वर्षों तक अध्यक्ष रहकर सबसे लंबा कार्यकाल पूरा किया।
2000 के बाद विनय कटियार, केशरीनाथ त्रिपाठी, डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, सूर्य प्रताप शाही और लक्ष्मीकांत वाजपेयी जैसे नेताओं ने पार्टी की कमान संभाली। इनमें से कई नेता बाद में मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और राज्यपाल जैसे संवैधानिक पदों तक पहुंचे।
2016 में केशव प्रसाद मौर्य को अध्यक्ष बनाया गया, जो बाद में उपमुख्यमंत्री बने। उनके बाद महेंद्र नाथ पांडेय और फिर स्वतंत्र देव सिंह अध्यक्ष रहे। स्वतंत्र देव सिंह भी कुर्मी समाज से आते हैं और बाद में योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। वर्ष 2022 में चौधरी भूपेंद्र सिंह को अध्यक्ष बनाया गया।
अब पंकज चौधरी की नियुक्ति के साथ यूपी बीजेपी एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। संगठन के अनुभव, सामाजिक समीकरण और चुनावी चुनौतियों के बीच पंकज चौधरी की भूमिका आने वाले समय में पार्टी की दिशा और दशा तय करने में अहम मानी जा रही है।
यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्षों के नाम व कार्यकाल
-माधो प्रसाद त्रिपाठी (1980–1984)
-कल्याण सिंह (1984–1990)
-राजेंद्र कुमार गुप्ता (1990–1991)
-कलराज मिश्र (1991–1997)
-राजनाथ सिंह (1997–2000)
-ओम प्रकाश सिंह (जनवरी 2000–अगस्त 2000)
-कलराज मिश्र (दूसरा कार्यकाल: 2000–2002)
-विनय कटियार (2002–2004)
-केशरीनाथ त्रिपाठी (जुलाई 2004–सितंबर 2007)
-डॉ. रमापति राम त्रिपाठी (2007–2010)
-सूर्य प्रताप शाही (मई 2010–अप्रैल 2012)
-लक्ष्मीकांत वाजपेयी (2012–2016)
-केशव प्रसाद मौर्य (अप्रैल 2016–अगस्त 2017)
-महेंद्र नाथ पांडेय (अगस्त 2017–जुलाई 2019)
-स्वतंत्र देव सिंह (जुलाई 2019–अगस्त 2022)
-चौधरी भूपेंद्र सिंह (2022–2025)
-पंकज चौधरी (2025–वर्तमान)






