लखनऊ, 14 दिसंबर 2025:
यूपी भाजपा को आज नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने जा रहा है। लंबे समय से चल रही अटकलों और संगठनात्मक मंथन के बाद केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी का प्रदेश अध्यक्ष बनना तय हो गया है। अध्यक्ष पद के लिए केवल एक ही नामांकन दाखिल हुआ है। ऐसे में उनका निर्विरोध चुना जाना लगभग निश्चित माना जा रहा है। मतलब, भूपेंद्र सिंह चौधरी की जगह कमान अब पंकज चौधरी के हाथ में होगी।
इसकी आधिकारिक घोषणा कुछ ही देर में की जाएगी। नए प्रदेश अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में कुछ देर में की जाएगी। इस ‘मेगा इवेंट’ के लिए पार्टी संगठन ने व्यापक तैयारियां की हैं।
इससे पहले पार्टी के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए शनिवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई। भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय पर्यवेक्षक विनोद तावड़े और निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी की मौजूदगी में पंकज चौधरी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके अलावा किसी अन्य नेता ने नामांकन नहीं किया जिससे उनके अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ हो गया।
पंकज चौधरी के नामांकन के दौरान पार्टी के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। सीएम योगी के अलावा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, प्रदेश सरकार के मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्वतंत्र देव सिंह, दारा सिंह चौहान, एके शर्मा, असीम अरुण और केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने उनके नाम का प्रस्ताव किया। इस दौरान प्रदेश मुख्यालय में भारी गहमागहमी देखने को मिली।
भाजपा ने कई महीनों के विचार-विमर्श के बाद पूर्वांचल के कद्दावर नेता और महराजगंज से सात बार के सांसद पंकज चौधरी को प्रदेश संगठन की कमान सौंपने का निर्णय लिया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस फैसले के पीछे 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति अहम है। पार्टी नेतृत्व पंकज चौधरी के माध्यम से पिछड़े वर्गों को साधने और विपक्ष के पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) समीकरण में सेंध लगाने की कोशिश कर रहा है।
इसके साथ ही भाजपा अपने परंपरागत कुर्मी वोट बैंक को मजबूत करने और जमीनी कार्यकर्ताओं को यह संदेश देने का प्रयास कर रही है कि पार्टी अपने मूल काडर और समर्पित नेताओं को महत्व देना जानती है। पंकज चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने से संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति दोनों को नई धार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।






