Uttar Pradesh

UP बजट 2026 : इंफ्रास्ट्रक्चर और MSME सेक्टर होगा मजबूत, 13 फीसदी से अधिक रकम मंजूर

औद्योगिक विकास, युवा योजनाओं और निवेश बढ़ाने के लिए योगी सरकार गंभीर, 30,925 करोड़ का किया प्रावधान

लखनऊ, 11 फरवरी 2026:

यूपी विधानसभा में बुधवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये का मेगा बजट पेश किया। यह बीते साल के मुकाबले करीब 13 फीसदी ज्यादा है। सरकार ने इस बजट में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम के लिए 30, 925 करोड़ की व्यवस्था की है।

अवस्थापना व औद्योगिक विकास को 27,103 करोड़

बुधवार को पेश हुए बजट में सरकार ने इस बार खास तौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिक विकास और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सेक्टर पर जोर दिया है। वित्त मंत्री ने बताया कि अवस्थापना और औद्योगिक विकास की योजनाओं के लिए 27,103 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 13 फीसदी अधिक है।

मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण और नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं। अटल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत विकास कार्यों के लिए 2,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट और फॉर्च्यून 500 कंपनियों को आकर्षित करने के लिए घोषित प्रोत्साहन नीति 2023 के क्रियान्वयन के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना के तहत अब तक 200 रक्षा उद्योगों के लिए एमओयू साइन किए जा चुके हैं। इनमें 35,280 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है और करीब 53 हजार से ज्यादा लोगों को सीधे रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है।

MSME सेक्टर को 3,822 करोड़

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सेक्टर के लिए 3,822 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह पिछले साल के मुकाबले 19 फीसदी अधिक है। सरकार का कहना है कि प्रदेश में करीब 3.11 करोड़ लोगों को रोजगार देने में एमएसएमई सेक्टर अहम भूमिका निभा रहा है।

एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल इम्प्लायमेन्ट एंड इंडस्ट्रियल जोन नाम से नई योजना शुरू करने का प्रस्ताव है, जिसके लिए 575 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत हर साल एक लाख सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य है। जरूरत पड़ने पर लक्ष्य बढ़ाया भी जा सकता है।

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपये रखे गए हैं। वहीं एक नई योजना एक जनपद एक व्यंजन के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण के लिए 2,374 करोड़ रुपये रखे गए हैं। सरकार का कहना है कि वितरण प्रक्रिया जारी है। इस बजट में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और रोजगार सृजन पर दांव लगाया है। औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की कोशिशों को इस बार बड़े पैमाने पर वित्तीय समर्थन दिया गया है।

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