लखनऊ, 11 फरवरी 2026:
यूपी बजट 2026-27 में योगी सरकार ने किसानों और खेती से जुड़े सेक्टर को खास तवज्जो दी है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में बताया कि कृषि योजनाओं के लिए 10,888 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह पिछले साल के मुकाबले करीब 20 फीसदी ज्यादा है। खेती के साथ पशुधन, दुग्ध, मत्स्य, उद्यान और खाद्य-रसद विभाग के लिए भी अलग से बड़ी धनराशि रखी गई है।
एग्री एक्सपोर्ट हब व यूपीएग्रीज परियोजना पर जोर
सरकार ने यूपीएग्रीज परियोजना के तहत एग्री एक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिए 245 करोड़ रुपये का इंतजाम किया है। एक्वा कल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत वर्ल्ड क्लास हैचरी और ट्रेनिंग सेंटर के लिए 155 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। किसान उत्पादक संगठनों के लिए रिवॉल्विंग फंड योजना में 75 करोड़ रुपये रखे गए हैं। वर्ष 2026-27 में 753.55 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न और 48.18 लाख मीट्रिक टन तिलहन उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया है।

डीजल पंप से सोलर पंप की ओर बढ़ावा
किसानों के डीजल पंप सेट को सोलर पंप में बदलने की योजना के लिए 637 करोड़ 84 लाख रुपये रखे गए हैं। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना 94,300 हेक्टेयर में लागू है, जिसके लिए 298 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
निजी नलकूपों को बिजली, बीज नीति पर काम
किसानों के निजी नलकूपों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 2,400 करोड़ रुपये दिए गए हैं। बीज स्वावलंबन नीति 2024 के तहत सीड पार्क विकास परियोजना के लिए 251 करोड़ रुपये रखे गए हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के लिए करीब 103 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है।

उद्यान और फूड प्रोसेसिंग को 2,832 करोड़
उद्यान और खाद्य प्रसंस्करण के लिए 2,832 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रीय औद्यानिक मिशन के लिए 715 करोड़ और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के लिए 478 करोड़ रुपये रखे गए हैं। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2022 के लिए 300 करोड़ और मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के लिए 25 करोड़ रुपये का इंतजाम है।
मथुरा में एक लाख लीटर क्षमता का डेयरी प्लांट
दुग्ध विकास के तहत मथुरा में प्रस्तावित डेयरी प्लांट की क्षमता 30 हजार लीटर से बढ़ाकर एक लाख लीटर प्रतिदिन कर दी गई है। इसके लिए 23 करोड़ रुपये रखे गए हैं। दुग्ध संघों को मजबूत करने के लिए 107 करोड़ रुपये दिए गए हैं। 220 नई दुग्ध समितियां गठित करने और 450 समितियों के पुनर्गठन की योजना है।

छुट्टा गोवंश के लिए 2,000 करोड़
प्रदेश के 7,497 गो आश्रय स्थलों में 12,38,547 गोवंश संरक्षित हैं। छुट्टा गोवंश के रखरखाव के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान है। बड़े गो संरक्षण केंद्रों के लिए 100 करोड़ रुपये रखे गए हैं। पशु रोग नियंत्रण योजना के लिए 253 करोड़ और पशु चिकित्सालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए 155 करोड़ रुपये दिए गए हैं। पहली बार मोबाइल वेटरनरी यूनिट को भी योजना में शामिल किया गया है।
मत्स्य क्षेत्र को नई रफ्तार
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत पुरुष घटक के लिए 195 करोड़ और महिला घटक के लिए 115 करोड़ रुपये रखे गए हैं। एकीकृत एक्वा पार्क की स्थापना के लिए 190 करोड़ रुपये दिए गए हैं। अत्याधुनिक मत्स्य थोक बाजार, एकीकृत एक्वा पार्क और मत्स्य प्रसंस्करण केंद्र की नई योजना के लिए 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।

खाद्य और रसद के लिए 20,124 करोड़
खाद्य और रसद विभाग की योजनाओं के लिए 20,124 करोड़ रुपये का प्रावधान है। अन्नपूर्ति योजना के लिए 15,480 करोड़, निःशुल्क एलपीजी सिलिंडर रीफिलिंग योजना के लिए 1,500 करोड़ और अन्नपूर्णा भवन निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये रखे गए हैं।






