लखनऊ, 9 फरवरी 2026:
यूपी विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ लेकिन पहले ही दिन सदन का माहौल पूरी तरह गरमा गया। सुबह 11 बजे जैसे ही राज्यपाल ने भाषण शुरू किया वैसे ही समाजवादी पार्टी के विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए। महंगाई, बेरोजगारी, एसआईआर, यूजीसी समेत कई मुद्दों को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारे लगाए। ‘गो बैक, गो बैक’ के नारों से सदन गूंज उठा।
हंगामा बढ़ता देख राज्यपाल को कुछ देर के लिए अपना भाषण रोकना पड़ा। उन्होंने नारेबाजी कर रहे विधायकों से शांत होने की अपील करते हुए कहा कि वरना गला बैठ जाएगा। इसके बावजूद विपक्ष का विरोध जारी रहा। हालांकि सपा की नेता पल्लवी पटेल इस प्रदर्शन में शामिल नहीं हुईं और अपनी सीट पर बैठी रहीं। करीब आधे घंटे में राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पूरा किया, जिसमें उन्होंने सरकार की नीतियों और उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में छह करोड़ लोगों को गरीबी से मुक्ति मिली है।

सदन के बाहर भी सियासी तापमान कम नहीं था। पहले से तय कार्यक्रम के तहत सपा विधायकों ने विधानभवन परिसर में प्रदर्शन किया। सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा साइकिल से विधानभवन पहुंचे, जिस पर अहिल्याबाई की तस्वीर लगी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में वाराणसी में लगातार मंदिर तोड़े जा रहे हैं। उधर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत इंडिया गठबंधन के सभी दलों ने बेरोजगारी, महंगाई, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और एसआईआर में कथित धांधली को लेकर चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने संयुक्त प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि किसानों को बोरी का वजन घटाकर धोखा दिया जा रहा है और जनता की आवाज नहीं सुनी जा रही। सपा विधायक डॉ. आरके वर्मा ने आरोप लगाया कि एसआईआर में धांधली कर लोगों के वोट के अधिकार से खिलवाड़ हो रहा है।

इससे पहले सरकार की ओर से सीएम योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को संयम की नसीहत देते हुए कहा कि सदन संवाद से चलता है, बाधा से नहीं। डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने तंज कसा कि सपा के पास मुद्दे नहीं हैं, इसलिए वे बौखलाए हुए हैं।
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि नए बजट के दावों से पहले सरकार को पिछले बजट की सच्चाई बतानी चाहिए, क्योंकि भाजपा आत्मप्रचार पर जनता के पैसे खर्च कर रही है। पहले ही दिन के हंगामे ने साफ कर दिया है कि बजट सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव तेज रहने वाला है।






