लखनऊ, 9 फरवरी 2026:
यूपी विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान सोमवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में वर्ष 2025-26 की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत की। इसमें प्रदेश में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और पुलिस सुधारों को लेकर सरकार की उल्लेखनीय उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदेश सरकार ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाते हुए संगठित अपराध, माफिया नेटवर्क और गुंडा तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की है। इसका सकारात्मक असर यह रहा कि अपराध दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज हुई है। इससे न केवल आम जनता बल्कि निवेशकों का विश्वास भी बढ़ा है। प्रदेश का निवेश अनुकूल वातावरण मजबूत हुआ है।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देकर उत्तर प्रदेश पुलिस को नई दिशा दी गई है। सीसीटीवी नेटवर्क, डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम, त्वरित जवाबदेही और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ने पुलिस की कार्यक्षमता में इजाफा किया है। सरकार का यह प्रयास है कि जनता निर्भीक होकर अपनी शिकायत दर्ज कराए और अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाया जा सके।
महिला सुरक्षा को विशेष ध्यान में रखते हुए प्रदेश में जीरो टॉलरेंस नीति को लागू किया गया है। सेफ सिटी परियोजना के तहत महिला पुलिस बीट, व्यापक सीसीटीवी पर निगरानी, तथा एंटी-रोमियो स्क्वॉड्स की तैनाती से सार्वजनिक स्थलों और कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा को सुदृढ़ किया गया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश फैक्ट्री अधिनियम (संशोधित) 2025 के अंतर्गत महिलाओं को समान कार्य अवसर प्रदान करने के साथ नाइट शिफ्ट में भी सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
सरकार ने मिशन शक्ति के माध्यम से सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सेवाओं को एकीकृत कर महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता को प्रोत्साहन दिया है। न्यायिक सुधारों के तहत फास्ट ट्रैक कोर्ट और ई-कोर्ट्स की स्थापना से न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आई है। इसके अलावा जन विश्वास अधिनियम के जरिए छोटे प्रक्रियात्मक अपराधों का अपराधीकरण समाप्त कर पारदर्शिता आधारित शासन मॉडल को मजबूती दी गई है। सरकार का मानना है कि इन प्रयासों ने उत्तर प्रदेश को एक सुरक्षित, जवाबदेह और निवेश अनुकूल राज्य बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई है।






