चाहें गर्मी की तपिश हो, बरसात की बौछार हो या सर्दियों की कड़ाके की ठंड — हमारे किसान हर मौसम से जूझते हुए अपनी फसल को घर तक पहुँचाता है। लेकिन कभी-कभी बिजली गिरने या अचानक बीमारी की वजह से किसान असमय जीवन छोड़ देता है। ऐसे समय में परिवार के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है और कोई मदद करने वाला नहीं होता। यहीं पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए किसान परिवारों को इस दुख की घड़ी में आर्थिक सहायता देने वाली कल्याणकारी योजना की शुरुआत की। अब असमय मौत का दर्द थोड़ा कम किया जा सकेगा और किसान परिवारों को सुरक्षा और सहारा मिलेगा। आइए डिटेल में जानते हैं…यह योजना क्या है?
क्या है ये योजना?

यह योजना उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए है और इसे मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के नाम से राज्य सरकार चला रही है। इस योजना के तहत किसानों को आर्थिक मदद दी जाएगी, अगर उनकी दुर्घटना के कारण मृत्यु हो जाती है, या वे दुर्घटना के कारण स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाते हैं।
इस योजना का लाभ उन किसानों को मिलेगा, जो:
- राजस्व अभिलेखों में दर्ज खातेदार या सह-खातेदार हैं,
- पट्टे पर खेती कर रहे हैं, या
- बटाई पर खेती कर रहे हैं।
इसमें सरकारी पट्टेदार, असामी पट्टेदार और निजी पट्टेदार भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना में कौन ले सकता है लाभ? (Eligibility Criteria)
अगर आप इस योजना का फायदा उठाना चाहते हैं, तो ज़रा इन बातों पर ध्यान दें 👇
1️⃣ Permanent Resident:
आपका उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी (Permanent Resident) होना जरूरी है।
2️⃣ Land Record Proof:
आपका नाम राजस्व अभिलेखों (खाता-खतौनी) में खातेदार या सह-खातेदार के रूप में दर्ज होना चाहिए।
3️⃣ Main Source of Income:
आपकी मुख्य आय (Main Income) उसी ज़मीन से होनी चाहिए जो आपके या आपके परिवार के नाम पर दर्ज है।
4️⃣ Lease & Sharecropping Farmers:
अगर आप पट्टे पर खेती (Lease Farming) करते हैं या बटाई पर खेत जोतते हैं (Sharecropping) — तो आप भी इस योजना के पात्र हैं।
5️⃣ Age Limit:
इस योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनकी आयु दुर्घटना के समय 18 से 70 वर्ष के बीच थी।
किस हालात में मिलेगा योजना का लाभ?

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत आर्थिक सहायता तभी मिलेगी, जब किसान की मौत या दिव्यांगता किसी दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा से हुई हो।
नीचे दिए गए मामलों में सहायता दी जाएगी 👇
- आग लगने से
- बाढ़ या डूबने से (नदी, तालाब, कुआँ, पोखर आदि में)
- बिजली गिरने या करंट लगने से
- सांप या जंगली जानवर के काटने या हमले से
- आंधी-तूफान, पेड़ गिरने या दबने से
- मकान गिरने से
- सड़क, रेल या वायुयान दुर्घटना से
- भूस्खलन या भूकंप से
- गैस रिसाव या विस्फोट से
- सीवर चैंबर में गिरने से और किसी अन्य अप्रत्याशित दुर्घटना से।
इस योजना की आवेदन करने की आसान प्रक्रिया क्या है? (Application Process)

Step 1️⃣ — फॉर्म डाउनलोड करें
सबसे पहले योजना का Application Form डाउनलोड करें।
Step 2️⃣ — फॉर्म में जरूरी Details भरें
- मृतक/दिव्यांग किसान का नाम, पिता/पति का नाम, जन्मतिथि, पता (ग्राम, थाना, तहसील, जिला)
- दुर्घटना की तारीख और कारण
- आवेदक (या वारिसों) के नाम, संबंध, पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर
- बैंक से जुड़ी जानकारी: Bank Name, Branch, Account Number, IFSC Code
Step 3️⃣ — जरूरी Documents लगाएँ
👉 ज़मीन के प्रमाण के लिए (इनमें से कोई एक):
- खतौनी की प्रति, या
- रजिस्टर्ड पट्टे की प्रति, या
- भू-स्वामी या ग्राम प्रधान/लेखपाल द्वारा प्रमाण पत्र (यदि बटाईदार हैं)
👉 उम्र प्रमाण के लिए (इनमें से कोई एक):
- हाईस्कूल सर्टिफिकेट / परिवार रजिस्टर / वोटर ID / पासपोर्ट / DL / आधार / PAN
👉 निवास प्रमाण के लिए (इनमें से कोई एक):
- पासपोर्ट / DL / राशन कार्ड / वोटर ID / आधार / SDM द्वारा जारी Residence Certificate
👉 अन्य जरूरी दस्तावेज़:
- उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र (यदि विवाद हो)
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट / पंचनामा / मृत्यु या दिव्यांगता प्रमाण पत्र
- परिवार रजिस्टर, दो गवाहों के हस्ताक्षर व पते
Step 4️⃣ — आवेदन जमा करें
संपूर्ण फॉर्म व सभी डॉक्यूमेंट्स की दो कॉपियां (Original + Photocopy) बनाकर तहसील कार्यालय में जमा करें।
जमा करने के बाद आपको Receipt मिलेगी।
Step 5️⃣ — जांच व स्वीकृति प्रक्रिया
- तहसीलदार 2 हफ्तों में सभी डॉक्यूमेंट्स की जांच कर SDM (उपजिलाधिकारी) को भेजेंगे।
- SDM 1 हफ्ते में Cross-Check करवाकर DM (जिलाधिकारी) को भेजेंगे।
- DM कार्यालय द्वारा स्वीकृति के बाद, सहायता राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
⏱️ पूरी प्रक्रिया अधिकतम 45 दिनों में पूरी हो जाएगी।
इस योजना में क्या-क्या लाभ मिलेंगे? (Benefits of the Scheme)

किसी कृषक की दुर्घटना से मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 👉 उत्तर प्रदेश सरकार सीधे आर्थिक मदद देती है —अधिकतम ₹5,00,000 (पाँच लाख रुपये तक)
मुआवज़े की राशि (Compensation Details):इस योजना की शुरूआत कब हुई थी? Important dates)
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की शुरुआत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा साल 2019 में की गई थी, जिसे जनवरी 2020 में कैबिनेट की मंजूरी मिली। इस योजना का संचालन जिले के जिलाधिकारी (DM) द्वारा किया जाता है। इस योजना के तहत 14 सितंबर 2019 के बाद किसी दुर्घटना का शिकार हुए किसानों को आर्थिक सहायता दी जाती है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि लगभग 2 करोड़ किसानों को इस योजना का लाभ मिल सके और किसी भी किसान परिवार को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
पाठकों द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1-मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना क्या है?
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत, अगर किसी किसान की दुर्घटना में मृत्यु या विकलांगता होती है, तो उसके परिवार को अधिकतम ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाती है।
2-CM Kisan Kalyan Yojana ki KIST kab Milegi?
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की अगली किस्त की तय तारीख नहीं है; इसकी भुगतान तिथियां राज्य सरकार की घोषणाओं पर निर्भर करती हैं।
3-मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना क्या है?
मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना का मकसद किसानों को दुर्घटना की स्थिति में सुरक्षा देना है। दुर्घटना से मृत्यु या विकलांगता पर आर्थिक सहायता दी जाती है, जो नुकसान की गंभीरता पर निर्भर करती है।
महत्वपूर्ण अपडेट और आधिकारिक लिंक (Important Updates/deadlines and official links)

- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना आवेदन पत्र।
- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना आधिकारिक दिशानिर्देश।
- राजस्व परिषद् उत्तर प्रदेश।
संपर्क विवरण:
राजस्व परिषद् ईमेल – borlko@nic.in





