लखनऊ, 28 नवंबर 2025 :
लखनऊ में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिकी निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड की दूसरी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने की। बैठक में प्रदेश की औद्यानिक फसलों की पैदावार बढ़ाने, फसलों को दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने और किसानों की आय में इजाफा करने के तरीकों पर गहन चर्चा हुई। क्लाइमेट जोन के हिसाब से कौन-सी फसल कहाँ बेहतर तरीके से उग सकती है, इस पर भी विशेषज्ञों ने अपने सुझाव दिए।
उद्यान मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘किसानों की आय दोगुनी’ करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बोर्ड की बैठक में लंदन सहित कई देशों से आए डेलिगेट्स और निर्यातकों ने हिस्सा लिया और UP की औद्यानिक फसलों को अंतरराष्ट्रीय मार्केट में आगे कैसे बढ़ाया जाए, इस पर सकारात्मक चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि एक्सपोर्ट प्रमोशन बोर्ड किसानों को बेहतर क्वालिटी की फसल उगाने और उसे हाई-वैल्यू बाजारों तक पहुंचाने में लगातार मदद कर रहा है।
इसी दौरान लखनऊ में आयोजित पांचवीं मसाला गोष्ठी एवं प्रदर्शनी 2025 में भी उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अगर किसान मसालों, औषधीय पौधों, फूलों और अन्य औद्यानिक फसलों की खेती अपनाते हैं, तो वे कम जमीन में भी अधिक लाभ कमा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की फसलें अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी मांग में हैं और इनकी खेती किसानों को तेज़ आय दे सकती है।
कार्यक्रम में मौजूद किसानों, उत्पादकों और कृषि वैज्ञानिकों को नई तकनीकों, आधुनिक खेती के तरीकों और सरकारी योजनाओं को अपनाने की सलाह दी गई। मंत्री ने यह भी कहा कि खेती का नया दौर वही किसान जीतेंगे, जो गुणवत्ता, तकनीक और ग्लोबल मार्केट-तीनों को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।






