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यूपी सरकार की इस योजना ने रचा सफलता का नया रिकॉर्ड, निःशुल्क पढ़ाई से 77 छात्र बने PCS के दावेदार

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से तैयार हुए 77 अभ्यर्थियों का यूपीपीसीएस 2024 मुख्य परीक्षा में चयन हुआ है। निःशुल्क कोचिंग से मिली इस सफलता ने प्रदेश में प्रतिभा को अवसर देने वाली सरकारी पहल पर सबका ध्यान खींचा है

लखनऊ, 5 फरवरी 2026:

उत्तर प्रदेश में चल रही मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने एक बार फिर शानदार नतीजे दिए हैं। इस योजना से जुड़े 77 अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य और प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (यूपीपीसीएस) 2024 की मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल की है। यह उपलब्धि बताती है कि राज्य सरकार की निःशुल्क कोचिंग व्यवस्था आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी युवाओं के लिए कितना मजबूत सहारा बन रही है।

निःशुल्क कोचिंग से मिली बड़ी कामयाबी

समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों से तैयारी कर रहे इन अभ्यर्थियों ने कड़ी मेहनत के साथ बेहतर मार्गदर्शन का लाभ उठाया। अभ्युदय योजना के तहत युवाओं को बिना किसी शुल्क के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर दिया जा रहा है, जिससे प्रतिभा को आगे बढ़ने का सही मंच मिल रहा है।

राज्य मंत्री ने दी सफल अभ्यर्थियों को बधाई

समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सभी सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबका साथ सबका विकास के संकल्प को जमीन पर उतारने का काम कर रही है। इस योजना का उद्देश्य यही है कि कोई भी प्रतिभाशाली युवा केवल आर्थिक कमी के कारण पीछे न रह जाए।

लखनऊ, अलीगंज और हापुड़ से आए बेहतर नतीजे

समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि भागीदारी भवन लखनऊ स्थित कोचिंग केंद्र से 40 अभ्यर्थी, अलीगंज स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र से 20 अभ्यर्थी और हापुड़ स्थित राजकीय आईएएस पीसीएस कोचिंग केंद्र से 17 अभ्यर्थी यूपीपीसीएस 2024 की मुख्य परीक्षा में सफल हुए हैं।

प्रशासनिक सेवाओं की राह आसान बना रही योजना

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत अभ्यर्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन, पुस्तकालय, ऑनलाइन और ऑफलाइन कक्षाएं, विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, मुख्य परीक्षा केंद्रित उत्तर लेखन अभ्यास, मॉडल टेस्ट और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। यही कारण है कि यह योजना प्रदेश के युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित हो रही है।

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