लखनऊ, 28 फरवरी 2026:
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) से ठीक पहले प्रदेश सरकार ने बालिकाओं की गरिमा, सुरक्षा और सुविधा को लेकर बड़ा और ठोस अभियान चलाया है। सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश के उन्नाव, कानपुर नगर, रायबरेली, अयोध्या, रामपुर सहित 42 जनपदों के सभी सरकारी विद्यालयों में बने शौचालयों को पूरी तरह क्रियाशील करने के आदेश जारी किए गए हैं। सरकार का साफ संदेश है कि सिर्फ शौचालय बने होना काफी नहीं वे उपयोग के लायक भी होने चाहिए।
मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि 8 मार्च तक हर स्कूल में शौचालय स्वच्छ, सुरक्षित और चालू हालत में हों। इसमें नियमित सफाई, जल आपूर्ति, बिजली व्यवस्था और दरवाजों की मजबूती सुनिश्चित करने पर खास जोर दिया गया है। सरकार का विशेष फोकस छात्राओं के लिए अलग एवं सुरक्षित शौचालयों की उपलब्धता पर है जिससे उन्हें स्कूल में सम्मानजनक और सुरक्षित माहौल मिल सके।
अधिकारियों का मानना है कि साफ-सुथरे और सुरक्षित शौचालय मिलने से छात्राओं की उपस्थिति बढ़ेगी। मासिक धर्म के दौरान उन्हें सहजता मिलेगी और ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी। यह पहल महिला दिवस के अवसर पर बेटियों के लिए बेहतर शैक्षिक वातावरण देने की सरकार की प्रतिबद्धता को जमीन पर उतारने की कोशिश मानी जा रही है।
शौचालयों की वास्तविक स्थिति की पारदर्शी निगरानी के लिए प्रेरणा पोर्टल पर फोटो अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रत्येक विद्यालय को शौचालय के अंदर और बाहर की स्पष्ट तस्वीरें अपलोड करनी होंगी जिससे शासन स्तर पर रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सके। इससे किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश कम होगी।
डीएम, सीडीओ और बेसिक शिक्षा अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर विद्यालयों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन स्कूलों में मरम्मत, पानी की लाइन या अन्य सुविधाओं की जरूरत है, वहां तत्काल काम शुरू करने को कहा गया है। सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि 8 मार्च की समय-सीमा में काम पूरा न होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। आवश्यक बजट और संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।






