UP News : बेटियों ने संभाली थाने की कमान, वैष्णवी और गोपी बनीं एक दिन की थानाध्यक्ष
हाथरस में मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत कक्षा-8 की छात्राओं ने सुनी फरियादियों की समस्याएं, शिकायतों के निस्तारण के दिए निर्देश, पुलिस की कार्यप्रणाली समझने के साथ सीखा नेतृत्व और निर्णय लेने का हुनर

लखनऊ/हाथरस, 14 अक्टूबर 2026:
बेटियां सिर्फ पढ़ाई और अपने सपनों को ही नहीं अपितु जिम्मेदारियों को भी बखूबी संभाल सकती हैं। इसी आत्मविश्वास को नई उड़ान देने के लिए यूपी के हाथरस में मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत एक अनूठी पहल की गई। यहां कक्षा-8 में पढ़ने वाली दो छात्राओं को एक दिन के लिए थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। थाना हसायन में वैष्णवी और थाना सहपऊ में गोपी ने पुलिस की कमान संभाली। इस दौरान दोनों छात्राओं ने थाने पहुंचने वाले फरियादियों की समस्याएं सुनीं और उनके प्रार्थना पत्रों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और सशक्तिकरण के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत हाथरस पुलिस ने बालिकाओं को नेतृत्व का प्रत्यक्ष अनुभव देने का प्रयास किया। एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारियों से परिचित कराना रहा।
SO बन छात्राओं ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं
थाना हसायन क्षेत्र के रति का नगला स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की कक्षा-8 की छात्रा वैष्णवी को एक दिन का थानाध्यक्ष बनाया गया। थाने की जिम्मेदारी संभालते हुए वैष्णवी ने जनसुनवाई में फरियादियों की समस्याएं सुनीं। प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित पुलिसकर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए।
वहीं, सहपऊ स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्रा गोपी ने थाना सहपऊ में एक दिवसीय थानाध्यक्ष की भूमिका निभाई। गोपी ने भी फरियादियों की शिकायतें सुनीं और उनके समाधान के लिए जरूरी कार्रवाई करने को कहा। जरूरत के अनुसार संबंधित दोनों पक्षों को बुलाकर काउंसलिंग करने की प्रक्रिया से भी छात्रा को परिचित कराया गया।
थाने की कार्यप्रणाली से लेकर महिला सुरक्षा तक की मिली जानकारी
कार्यक्रम के दौरान दोनों छात्राओं को थाना कार्यालय की कार्यप्रणाली, जनसुनवाई, शिकायतों के निस्तारण और पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के दायित्वों की जानकारी दी गई। उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने, महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम और महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस की ओर से किए जा रहे प्रयासों के बारे में भी बताया गया।
थाना परिसर में मौजूद अन्य छात्राओं और महिला अध्यापिकाओं का भी उत्साहवर्धन किया गया। उन्हें चॉकलेट और फ्रूटी देकर सम्मानित किया गया जिससे बालिकाएं इस पहल से प्रेरणा लेकर अपनी प्रतिभा पहचानें और भविष्य में आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए आगे आएं।
हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर किया जागरूक
मिशन शक्ति के तहत छात्राओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़ी सहायता सेवाओं की जानकारी भी दी गई। उन्हें महिला पावर लाइन 1090, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 के बारे में बताया गया। साथ ही किसी भी परेशानी या उत्पीड़न की स्थिति में बिना डर के पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया।

एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत हाथरस में जागरूकता और सहभागिता से जुड़े कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। इनका मकसद बालिकाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना है। एक दिवसीय थानाध्यक्ष बनाने जैसी पहल से बेटियों को नेतृत्व क्षमता विकसित करने, निर्णय लेने और अपने अधिकारों व कर्तव्यों को समझने का अवसर मिलता है।






