लखनऊ, 25 फरवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में बुधवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के संविदा कर्मचारियों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। स्वास्थ्य भवन चौराहे से डीएम कार्यालय तक सैकड़ों कर्मियों ने पैदल मार्च निकाला। कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी 13 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। नारेबाजी और जोशीले प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ जिससे आम लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ी।
कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से रोडवेज में सेवाएं दे रहे हैं लेकिन उन्हें न तो स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं मिल रही हैं और न ही वेतनमान में समानता। संविदा कर्मियों ने आरोप लगाया कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे असंतोष बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान नियमितीकरण हमारा हक है जैसे नारों से इलाका गूंज उठा।
ज्ञापन में संविदा व्यवस्था को समाप्त कर नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने, वेतन वृद्धि, लंबित भुगतान का तत्काल निपटारा, सेवा सुरक्षा, ड्यूटी घंटों में सुधार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ देने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। कर्मचारियों ने कहा कि अस्थायी नौकरी और अनिश्चित भविष्य के कारण उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति लगातार दबाव में है।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और वे सरकार से संवाद के लिए तैयार हैं। हालांकि चेतावनी भी दी गई कि यदि समयबद्ध तरीके से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने डीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर शासन से हस्तक्षेप की मांग की। अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर उसे शासन स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया।






