लखनऊ, 2 अप्रैल 2026:
यूपी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए 3,47,729 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कर नया कीर्तिमान बनाया है। इस दौरान राज्य की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 1161.756 मेगावाट तक पहुंच गई। यह प्रदेश में ग्रीन एनर्जी की दिशा में तेज प्रगति को दर्शाती है।
वर्ष की शुरुआत अप्रैल 2025 में 15,836 इंस्टॉलेशन के साथ हुई थी। इसके बाद मई और जून में क्रमशः 18,509 और 18,494 संयंत्र लगाए गए। जुलाई से सोलर इंस्टॉलेशन की रफ्तार में बड़ा उछाल देखने को मिला। जब 29,850 संयंत्र स्थापित हुए और क्षमता 100 मेगावाट के आंकड़े को पार कर गई। अगस्त और सितंबर में यह गति बरकरार रही। हालांकि अक्टूबर में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
नवंबर और दिसंबर में एक बार फिर तेजी लौटी। क्रमशः 30,894 और 31,164 संयंत्र स्थापित किए गए। असली उछाल वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही में देखने को मिला। जनवरी 2026 में 33,314, फरवरी में 35,804 और मार्च में रिकॉर्ड 52,729 संयंत्र स्थापित किए गए। अकेले मार्च में ही 173.84 मेगावाट क्षमता जोड़ी गई। यह किसी एक माह में अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है।
यूपीनेडा के निदेशक इंद्रजीत सिंह के अनुसार अंतिम तिमाही में आई यह तेजी सरकार की प्रभावी नीतियों, सब्सिडी योजनाओं और जमीनी स्तर पर मजबूत क्रियान्वयन का परिणाम है। इससे ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि होने के साथ उपभोक्ताओं को सस्ती और स्वच्छ बिजली भी उपलब्ध हो रही है। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में तेजी से अपनी जगह मजबूत कर रहा है।
प्रदेश ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में भी शीर्ष स्थान हासिल किया है। अब तक राज्य में कुल 4,48,233 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। इनसे प्रतिदिन 1524 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। लगातार बढ़ती इंस्टॉलेशन के आधार पर माना जा रहा है कि आने वाले समय में यूपी ग्रीन एनर्जी और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को और तेजी से हासिल करेगा।






