लखनऊ, 4 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में योगी सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। वर्ष 2026 में प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण और तकनीकी पदों पर बड़े पैमाने पर भर्तियां की जाएंगी। इस प्रक्रिया के तहत करीब 1200 से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी का मौका मिलेगा।
सरकार की योजना के मुताबिक राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सहायक आचार्य के 1112 पदों, आचार्य के 44 पदों और प्रवक्ता (फार्मेसी) के 11 पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए अधियाचन लोक सेवा आयोग, प्रयागराज को भेजा जा चुका है और जल्द ही भर्ती का विज्ञापन जारी होने की तैयारी है।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष के अनुसार मुख्यमंत्री के निर्देश हैं कि मेडिकल शिक्षा विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को जल्द भरा जाए, ताकि कॉलेजों में पढ़ाई, प्रशिक्षण और शोध कार्य प्रभावित न हों। इसी के तहत यह भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
नर्सिंग कैडर को भी मिलेगा मजबूत आधार
शिक्षण पदों के साथ-साथ सरकार नर्सिंग सेवाओं को भी सशक्त करने जा रही है। लोक सेवा आयोग, प्रयागराज से चयनित 1230 नर्सिंग अधिकारियों (महिला और पुरुष) को जल्द नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इनकी तैनाती से सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मरीजों की देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
पढ़ाई के साथ शोध और ट्रेनिंग पर जोर
सरकार का फोकस अब मेडिकल एजुकेशन को सिर्फ डिग्री तक सीमित रखने का नहीं है। उद्देश्य यह है कि पढ़ाई के साथ-साथ शोध और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग को भी मजबूती मिले। पिछले करीब नौ वर्षों में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या तेजी से बढ़ी है और अब लगभग हर जिले में मेडिकल कॉलेज की मौजूदगी है। ऐसे में योग्य शिक्षकों और प्रशिक्षित स्टाफ की जरूरत भी बढ़ी है।
नई भर्तियों से मेडिकल छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा, रिसर्च गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और पढ़ाई का स्तर राष्ट्रीय मानकों के करीब पहुंचेगा। इसका सीधा फायदा आने वाले समय में प्रदेश की जनता को मिलेगा, जब उन्हें ज्यादा प्रशिक्षित डॉक्टर, फार्मासिस्ट और स्वास्थ्यकर्मी मिलेंगे।






