Lucknow City

स्ट्रीट डॉग के समर्थन में लखनऊ में मानव श्रृंखला, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ गूंजी आवाज

इको गार्डन में पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों का प्रदर्शन, कहा- स्ट्रीट डॉग को लेकर दिया गया आदेश बेहद अफसोसजनक, स्ट्रीट डॉग के प्रति सकारात्मक रवैया और वैज्ञानिक समाधान से मानव और पशुओं के बीच बन सकता है संतुलन

लखनऊ, 4 जनवरी 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ में रविवार को इको गार्डन पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों की आवाज से गूंज उठा। स्ट्रीट डॉग के समर्थन में बहुत से लोगों ने प्रदर्शन करते हुए मानव श्रृंखला बनाई और एकजुटता का संदेश दिया। आगामी 7 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में स्ट्रीट डॉग से जुड़े मामले की सुनवाई से पहले प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को मजबूती से उठाया।

इस विरोध प्रदर्शन में विभिन्न पशु कल्याण संस्थाओं के सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र और आम नागरिक शामिल हुए। लोगों के हाथों में स्ट्रीट डॉग्स के समर्थन में लिखे स्लोगन और तख्तियां थीं। No Dogs-No Vote, आवारा नहीं, हमारा है और सुप्रीम कोर्ट ऑर्डर रद्द करो जैसे नारों के साथ प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश पर आपत्ति जताई। thehohalla news

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्ट्रीट डॉग को लेकर दिया गया आदेश बेहद अफसोसजनक है। इसके बाद कई शहरों में नगर निकायों द्वारा कुत्तों के साथ क्रूरता की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी दुर्लभ घटना में डॉग बाइट की खबर सामने आती है तो वह तुरंत सुर्खियों में आ जाती है लेकिन हर दिन स्ट्रीट डॉग के साथ हो रही हिंसा और अमानवीय व्यवहार पर कोई ध्यान नहीं देता।

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प्रदर्शन में शामिल राखी किशोर ने कहा कि प्रदर्शन करना हमारा उद्देश्य नहीं है। हम समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं। हम बेजुबानों की आवाज बने हैं, जो अपना दर्द खुद नहीं कह सकते। उन्होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट स्ट्रीट डॉग को स्थायी आश्रय देने संबंधी आदेश को वापस ले और पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त धन व संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। https://thehohalla.com/land-grab-dispute-escalates-father-and-son-hurt/

प्रदर्शनकारियों ने रेबीज टीकाकरण को 100 प्रतिशत सुनिश्चित करने के लिए व्यापक अभियान चलाने और CNVR (Catch, Neuter, Vaccinate and Release) कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। उनका दावा है कि पिछले आदेश के बाद देशभर से 10 लाख से अधिक पत्र सुप्रीम कोर्ट को भेजे जा चुके हैं। पशु प्रेमियों का मानना है कि स्ट्रीट डॉग के प्रति सकारात्मक रवैया और वैज्ञानिक समाधान ही मानव और पशुओं के बीच संतुलन बना सकता है।

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