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UP : दरोगा भर्ती परीक्षा के एक सवाल पर बवाल, ‘पंडित’ विकल्प से भड़का विवाद, CM योगी ने दिए सख्त निर्देश

डिप्टी CM ब्रजेश पाठक, भाजपा के कई विधायकों और नेताओं ने भी दर्ज कराई कड़ी आपत्ति, मुख्यमंत्री से कड़ी कार्रवाई की मांग, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने दिए पूरे मामले में जांच के आदेश

लखनऊ, 15 मार्च 2026:

यूपी पुलिस में दरोगा भर्ती की लिखित परीक्षा के एक प्रश्न को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सामान्य हिंदी के प्रश्नपत्र में पूछे गए एक सवाल के विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द दिए जाने पर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों तक तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मामले ने तूल पकड़ा तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस पर संज्ञान लेते हुए भर्ती बोर्डों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

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मालूम हो कि 14 मार्च को आयोजित उपनिरीक्षक (नागरिक पुलिस) एवं समकक्ष पदों पर भर्ती की लिखित परीक्षा की पहली पाली में सामान्य हिंदी से एक प्रश्न पूछा गया था। प्रश्न था… ‘अवसर के अनुसार बदल जाने वाला’ इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए। इसके लिए चार विकल्प दिए गए थे- सदाचारी, पंडित, अवसरवादी और निष्कपट। इनमें ‘पंडित’ शब्द को विकल्प के रूप में शामिल किए जाने को लेकर विवाद शुरू हो गया। कई लोगों ने इसे अनुचित बताते हुए आपत्ति जताई और देखते ही देखते यह मुद्दा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

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विवाद बढ़ने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी व्यक्ति, जाति, पंथ या संप्रदाय की मर्यादा और आस्था के विषय में अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी भर्ती बोर्डों के अध्यक्षों को निर्देशित किया कि प्रश्नपत्र तैयार करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही सभी पेपर सेटर्स को भी संवेदनशीलता बरतने के निर्देश देने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति आदतन इस प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री तैयार करता पाया जाता है तो उसे तत्काल प्रतिबंधित किया जाए और इस विषय को पेपर सेटर्स के एमओयू का भी हिस्सा बनाया जाए।

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इससे पहले इस मामले पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि पुलिस भर्ती परीक्षा में पूछे गए इस प्रश्न के विकल्प पर गंभीर आपत्ति है और सरकार ने इसे संज्ञान में लिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रश्न से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचना बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। पाठक ने स्पष्ट किया कि किसी भी जाति, समुदाय या परंपरा के प्रति अपमानजनक शब्दों को कोई स्थान नहीं मिलना चाहिए। इस पूरे मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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इस मुद्दे को लेकर भाजपा प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्र ने भी मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखकर शिकायत की है। इसके अलावा देवरिया सदर से भाजपा विधायक शलभमणि त्रिपाठी, जौनपुर के बदलापुर से विधायक रमेश चंद्र मिश्र और बांदा सदर से विधायक प्रकाश द्विवेदी समेत कई जनप्रतिनिधियों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। हिंदू संगठनों ने भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।

उधर, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने इस पूरे मामले में जांच के आदेश दिए हैं। बोर्ड ने ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा कि संबंधित प्रश्न को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के संदर्भ में जांच कराई जा रही है। जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र स्थानीय स्तर पर बोर्ड द्वारा तैयार नहीं किए जाते हैं।

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