विजय पटेल
रायबरेली, 7 मार्च 2026:
खीरों ब्लॉक के चांदेमऊ गांव के रहने वाले विमल कुमार ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 107वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है। एक साधारण किसान परिवार से आने वाले विमल की इस सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
विमल कुमार के पिता रामदेव खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। खेतों से सीमित आमदनी होने के कारण उन्हें खाली समय में ईंट भट्टे पर मजदूरी भी करनी पड़ती थी। आर्थिक स्थिति सामान्य होने के बावजूद उन्होंने बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी और हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

दो भाइयों और दो बहनों के बीच पले-बढ़े विमल ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव के प्राथमिक विद्यालय से की। बचपन से ही वह पढ़ाई में तेज थे। उनके शिक्षकों ने उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया। विमल ने यह परीक्षा पास कर नवोदय विद्यालय में दाखिला लिया और वहीं से आगे की पढ़ाई की।
पढ़ाई में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बाद विमल कुमार ने आईआईटी दिल्ली में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में प्रवेश प्राप्त किया। आईआईटी में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया। इंजीनियरिंग के तीसरे वर्ष में उन्होंने यूपीएससी की तैयारी का फैसला किया और कैंपस प्लेसमेंट में हिस्सा लेने के बजाय पूरी तरह इस परीक्षा की तैयारी में जुट गए।
लगातार मेहनत और धैर्य के साथ की गई तैयारी का नतीजा इस वर्ष सामने आया। विमल कुमार ने यूपीएससी परीक्षा में 107वीं रैंक हासिल कर आईएएस के लिए चयनित होकर अपने सपने को साकार किया। अपनी सफलता का श्रेय विमल अपने माता-पिता व शिक्षकों को देते हैं। उनका कहना है कि जीवन में लक्ष्य स्पष्ट हो और लगातार मेहनत की जाए तो सफलता जरूर मिलती है।






