बाराबंकी, 7 मार्च 2026:
संघ लोक सेवा आयोग (यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन) की सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) 2025 के परिणाम ने बाराबंकी जिले को बड़ी खुशी दी है। शहर और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले तीन युवाओं ने इस कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। लखपेड़ाबाग के सुयश द्विवेदी ने ऑल इंडिया रैंक 94 हासिल की है, जबकि अभिजीत नंदन को 294वीं और अनुपम वर्मा को 681वीं रैंक मिली है। सुयश और अभिजीत का चयन आईएएस के लिए हुआ है, वहीं अनुपम वर्मा इंडियन रेवेन्यू सर्विस के लिए चुने गए हैं।
पांचवें प्रयास में सुयश को मिली सफलता
लखपेड़ाबाग निवासी शिक्षक कौशलेंद्र नाथ द्विवेदी के पुत्र सुयश द्विवेदी ने यूपीएससी में 94वीं रैंक हासिल की है। सुयश के पिता करीब 20 वर्ष तक वायु सेवा में कार्य करने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक बने और वर्तमान में रामनगर ब्लॉक में प्रधानाध्यापक हैं। दो भाइयों में छोटे सुयश इस समय असम में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात हैं। उन्होंने यह सफलता अपने पांचवें प्रयास में हासिल की है। पिता कौशलेंद्र नाथ द्विवेदी ने बताया कि बेटे ने फोन पर मां को कॉन्फ्रेंस कॉल में जोड़कर एक साथ यह खुशखबरी दी। यह सुनते ही परिवार भावुक हो गया। सुयश ने बताया कि वह इस समय चुनाव ड्यूटी में हैं और दो महीने बाद घर लौटेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यमवर्गीय परिवार के बच्चे मेहनत और लगन के दम पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।

प्रधानाचार्य के पुत्र अभिजीत नंदन बने आईएएस
रामसेवक यादव स्मारक इंटर कॉलेज, लखपेड़ाबाग के प्रधानाचार्य जगन्नाथ वर्मा के पुत्र अभिजीत नंदन ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 294वीं रैंक हासिल कर आईएएस में जगह बनाई है। उनकी सफलता से परिवार, विद्यालय और पूरे जिले में खुशी का माहौल है। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इसे जिले के लिए गौरव की बात बताया है। सफलता मिलने पर विद्यालय परिसर में प्रबंधक डॉ. विकास यादव ने अभिजीत का स्वागत किया और सफलता के लिए बधाई दी।

BDO रहते हुए अनुपम वर्मा बने IAS
मसौली ब्लॉक के मुबारकपुर रसौली निवासी अनुपम वर्मा ने यूपीएससी परीक्षा में 681वीं रैंक हासिल कर इंडियन रेवेन्यू सर्विस में चयन पाया है। अनुपम इस समय अयोध्या जिले के सोहावल ब्लॉक में खंड विकास अधिकारी के पद पर तैनात हैं। उनके पिता सुरेंद्र सिंह वर्मा किसान हैं और माता पूनम सिंह शिक्षा मित्र हैं। अनुपम ने प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ तैयारी जारी रखी और अपनी मेहनत के दम पर इस परीक्षा में सफलता हासिल की। उनकी उपलब्धि से क्षेत्र के युवाओं को भी नई प्रेरणा मिली है।






