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अमेरिका की नई ग्लोबल ट्रैवल एडवाइजरी : 21 देशों की यात्रा न करने की अपने नागरिकों को सख्त चेतावनी

इसमें भारत और पाकिस्तान का नाम शामिल नहीं, सूची में अफगानिस्तान, बेलारूस, बुर्किना फासो, म्यांमार (बर्मा), सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक, हैती, ईरान, इराक, लेबनान, लीबिया, माली, नाइजर, उत्तर कोरिया, रूस, सोमालिया, दक्षिण सूडान, सूडान, सीरिया, यूक्रेन, वेनेजुएला और यमन शामिल

विदेश डेस्क, 10 जनवरी 2026:

अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए एक नई और सख्त वैश्विक ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। इसमें 21 देशों की यात्रा न करने की कड़ी सलाह दी गई है। इस एडवाइजरी की सबसे अहम बात यह है कि इसमें भारत और पाकिस्तान का नाम शामिल नहीं किया गया है। इससे दोनों देशों को लेकर किसी तरह की नई यात्रा पाबंदी या प्रतिबंध की अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है।

अमेरिकी विदेश विभाग के ब्यूरो ऑफ कांसुलर अफेयर्स ने इस ट्रैवल एडवाइजरी को आधिकारिक तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से जारी इस चेतावनी में 21 देशों को सबसे गंभीर श्रेणी लेवल-4: डू नॉट ट्रैवल में रखा गया है। इसका सीधा अर्थ है कि अमेरिकी नागरिकों को इन देशों में किसी भी परिस्थिति में यात्रा न करने की सलाह दी गई है।

अमेरिकी विदेश विभाग दुनिया के सभी देशों को सुरक्षा हालात के आधार पर चार स्तरों में वर्गीकृत करता है। लेवल-1 सामान्य सावधानी बरतने के लिए, लेवल-2 अतिरिक्त सतर्कता के लिए, लेवल-3 यात्रा पर दोबारा विचार करने के लिए और लेवल-4 बिल्कुल यात्रा न करने की चेतावनी के लिए होता है। विदेश विभाग के अनुसार लेवल-4 तब लागू किया जाता है जब किसी देश में हालात अत्यंत खतरनाक हों या वहां अमेरिकी नागरिकों को आपात स्थिति में सहायता पहुंचाने की क्षमता बहुत सीमित हो।

इस कैटेगरी में शामिल देशों में आमतौर पर सशस्त्र संघर्ष, आतंकवाद, राजनीतिक अस्थिरता, अपहरण, गृहयुद्ध और व्यापक हिंसा जैसे गंभीर जोखिम मौजूद होते हैं। अमेरिका की ताजा एडवाइजरी में जिन 21 देशों की यात्रा से बचने को कहा गया है उनमें अफगानिस्तान, बेलारूस, बुर्किना फासो, म्यांमार (बर्मा), सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक, हैती, ईरान, इराक, लेबनान, लीबिया, माली, नाइजर, उत्तर कोरिया, रूस, सोमालिया, दक्षिण सूडान, सूडान, सीरिया, यूक्रेन, वेनेजुएला और यमन शामिल हैं।

विदेश विभाग का कहना है कि इन देशों में सुरक्षा हालात इतने खराब हैं कि अमेरिकी नागरिकों के लिए वहां जाना सुरक्षित नहीं माना जा सकता। गौर करने वाली बात यह भी है कि इस एडवाइजरी के पीछे अमेरिका और रूस के बीच बढ़ता तनाव एक बड़ी वजह माना जा रहा है। हाल ही में रूस की ओर से परमाणु धमकी दिए जाने और अमेरिकी सेना द्वारा अटलांटिक महासागर में रूसी झंडे वाले एक तेल टैंकर को जब्त किए जाने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में और तनाव बढ़ गया है।

कुल मिलाकर, अमेरिका की यह नई ट्रैवल एडवाइजरी वैश्विक सुरक्षा हालात और भू-राजनीतिक तनावों की गंभीरता को दर्शाती है, जबकि भारत और पाकिस्तान का सूची से बाहर रहना दक्षिण एशिया के लिए एक अहम संकेत माना जा रहा है।

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