दिल्ली/देहरादून, 28 मार्च 2026:
उत्तराखंड की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने भाजपा को झटका देते हुए उसके दो पूर्व विधायकों सहित कुल छह नेताओं को पार्टी में शामिल कर लिया है। शनिवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में इन नेताओं ने औपचारिक रूप से कांग्रेस का दामन थामा।
इस मौके पर उत्तराखंड कांग्रेस की प्रभारी कुमारी शैलजा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल वरिष्ठ नेता डॉ. हरक सिंह समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। कांग्रेस में शामिल होने वालों में रुद्रपुर के भाजपा के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, घनसाली (टिहरी) के पूर्व विधायक भीमलाल आर्य, सितारगंज के पूर्व विधायक नारायण पाल, रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल, मसूरी के पूर्व पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता और भीमताल क्षेत्र के पूर्व ब्लॉक प्रमुख लाखन सिंह नेगी शामिल हैं।

पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने भाजपा पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय मजबूरी में लिया। उन्होंने कहा कि अब वे कांग्रेस के साथ मिलकर क्षेत्र के विकास और जनहित के मुद्दों पर काम करेंगे।
सूत्रों के अनुसार रामनगर के ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी की भी कांग्रेस में शामिल होने की तैयारी थी लेकिन पूर्व विधायक रणजीत रावत की सहमति नहीं बनने के कारण उनकी एंट्री फिलहाल टल गई। इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की नाराजगी की भी चर्चा है जिससे पार्टी के अंदरूनी समीकरणों की झलक मिलती है।
कांग्रेस ने बड़ा राजनीतिक संदेश बताते हुए दावा किया कि इससे रुद्रपुर, घनसाली, सितारगंज, रुड़की, मसूरी और भीमताल जैसी अहम सीटों पर समीकरण बदलेंगे। पार्टी अब 2022 की हार से सबक लेते हुए संगठन को मजबूत करने और स्थानीय मुद्दों पर आक्रामक रणनीति अपनाने की तैयारी में है।
वहीं भाजपा ने कांग्रेस के इस कदम को ज्यादा महत्व नहीं दिया। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के पास अपने उम्मीदवार नहीं हैं इसलिए वह भाजपा से निष्कासित नेताओं को शामिल कर रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई करती है। इन नेताओं के जाने से पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम आने वाले चुनावों में राज्य की सियासत को और दिलचस्प बना सकता है।






