Uttarakhand

पशुपालन से स्वरोजगार ने पकड़ी रफ्तार : कुक्कुट पालन से युवा बन रहे आत्मनिर्भर, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली मजबूती

थलीसैंण के ग्राम बंगाली निवासी दीवान सिंह ने की अपनी इकाई को बढ़ाने की पहल, मदद के लिए शासन से 1.40 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी बोले- पात्रों को योजनाओं का लाभ दिलाकर उनको आर्थिक रूप से मजबूत करना मेन लक्ष्य

योगेंद्र मलिक

पौड़ी गढ़वाल, 14 अक्टूबर 2026ः

उत्तराखंड की धामी सरकार प्रदेश में पशुपालन आधारित स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है। इसी क्रम में जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड थलीसैंण के ग्राम बंगाली निवासी युवा कुक्कुट पालन को आजीविका का माध्यम बनाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। 31 वर्षीय दीवान सिंह ने कुक्कुट पालन के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए अपनी इकाई को बड़े स्तर पर विकसित करने की पहल की है। वर्ष 2020 से इस व्यवसाय से जुड़े दीवान वर्तमान में प्रतिमाह लगभग 70 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। पशुपालन विभाग की योजनाओं से उन्हें अपने व्यवसाय को विस्तार देने में मदद मिल रही है।

दीवान सिंह के व्यवसाय के विस्तार के लिए उत्तराखंड पशुपालन विभाग की कुक्कुट पालन योजना के तहत 5 हजार पैरेंट स्टॉक की इकाई स्थापित करने के लिए शासन से 1.40 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस इकाई की स्थापना से उन्हें कुक्कुट पालन को बड़े स्तर पर विकसित करने का अवसर मिलेगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने कहा कि जनपद में पशुपालकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने और स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालन एवं कुक्कुट पालन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार सृजन और आय बढ़ाने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

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विभाग का प्रयास है कि पात्र पशुपालकों को योजनाओं का लाभ दिलाकर उनकी आजीविका को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि दीवान सिंह जैसे युवाओं की पहल अन्य लोगों को भी पशुपालन आधारित व्यवसाय अपनाने के लिए प्रेरित कर सकती है। दीवान सिंह की सफलता दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर ग्रामीण युवा अपने क्षेत्र में ही स्वरोजगार के अवसर विकसित कर सकते हैं। कुक्कुट पालन जैसे व्यवसाय न केवल व्यक्तिगत आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रहे हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी योगदान दे रहे हैं।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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