TET की अनिवार्यता खत्म करने की मांग, सड़क पर उतरे शिक्षक, सीएम आवास कूच करने पर पुलिस ने रोका
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने धामी सरकार के खिलाफ बोला हल्ला, जमकर की नारेबाजी, बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने पर वही पर दे दिया धरना, गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने की अपील

राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 24 अक्टूबर 2026ः
TET की अनिवार्यता से छूट और पुरानी पेंशन योजना की बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने धामी सरकार के खिलाफ एक बार फिर हल्ला बोला। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शनिवार को शिक्षकों ने सीएम आवास कूच कर मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। शिक्षकों ने परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। हाथीबड़कला में पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इससे नाराज शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सड़क पर ही धरना दे दिया।

शिक्षकों को पुरानी पेंशन के दायरे में लाने की मांग
शिक्षकों की प्रमुख मांगों में आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त प्राथमिक एवं औपबंधिक शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से छूट देना और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करना शामिल है। इसके साथ ही वर्ष 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन के दायरे में लाने, औपबंधिक शिक्षकों को नियमित सेवा लाभ देने और वर्षों से कार्यरत शिक्षा मित्रों को नियमित करने की मांग भी उठाई गई। शिक्षकों ने सेवानिवृत्ति से पहले न्यूनतम तीन पदोन्नतियां अथवा उनके समकक्ष एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (एसीपी) का लाभ देने, स्थानांतरण संबंधी समस्याओं का समाधान करने और गोल्डन कार्ड की विसंगतियां दूर करने की मांग की। इसके अलावा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने पर भी जोर दिया गया।
वार्ता के आश्वासन पर समाप्त किया धरना
हाथीबड़कला में पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद शिक्षकों ने सड़क पर बैठकर विरोध जताया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की अपील की। बाद में सचिव विनय शंकर पांडेय मौके पर पहुंचे और शिक्षक प्रतिनिधियों से ज्ञापन लिया। उन्होंने शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल की जल्द मुख्यमंत्री से वार्ता कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी शिक्षकों का गुस्सा शांत हुआ। प्रदर्शनकारियों में राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रांतीय तदर्थ समिति के गढ़वाल मंडल सदस्य दिगम्बर सिंह नेगी और कुमाऊं मंडल सदस्य मनोज तिवारी शामिल रहे। इनके अलावा देहरादून जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह रावत, रायपुर ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद सोलंकी, रूपक पुरी, योगेश गुप्ता समेत शिक्षक शामिल रहे।






