देहरादून, 14 जनवरी 2026:
उत्तराखण्ड में सशस्त्र बल भूतपूर्व सैनिक दिवस (वेटरन्स डे) के मौके पर शौर्य स्थल श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति का साक्षी बना। जहां उत्तराखण्ड सब एरिया द्वारा आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने वीर शहीदों को नमन करते हुए पुष्पचक्र अर्पित किए और वीर नारियों व भूतपूर्व सैनिकों के त्याग, समर्पण और देश सेवा को नमन किया।
इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सैनिक कभी पूर्व नहीं होता, वह अपनी अंतिम सांस तक राष्ट्र का रक्षक रहता है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों ने पूरे जीवन राष्ट्र सर्वोपरि के मंत्र को जिया है और उनका यह समर्पण समाज के लिए प्रेरणा है। सैनिक समाज को अनुशासन, प्रतिबद्धता और एकता का पाठ सिखाते हैं।

राज्यपाल ने वीर नारियों का विशेष रूप से आभार जताते हुए कहा कि शहीदों के परिवारों और उनके आश्रितों की देखभाल करना समाज और सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हर पूर्व सैनिक के भीतर नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और उत्कृष्ट कार्य करने की भावना होती है, जो उन्हें समाज में आदर्श नेतृत्वकर्ता बनाती है।
राज्यपाल ने कहा कि पूर्व सैनिक न केवल सैन्य सेवा में बल्कि नागरिक जीवन में भी राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चल रही हनी क्रांति, अरोमा क्रांति, मिलेट क्रांति, होमस्टे योजना और स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण में पूर्व सैनिक अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं। कार्यक्रम में सैन्य कल्याण मंत्री गणेश जोशी, जीओसी उत्तराखण्ड सब एरिया मेजर जनरल एमपीएस गिल, सेवारत सैन्य अधिकारी, जेसीओ, अन्य रैंक, भूतपूर्व सैनिक और उनके परिवारजन मौजूद रहे।






