देहरादून, 20 नवंबर 2025:
उत्तराखंड में लगातार बारिश और मानसूनी आपदा ने सड़कों, भवनों आदि को भारी नुकसान पहुंचाया है। राज्य के सभी 13 जिले आपदा से प्रभावित हुए हैं। करोड़ों रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। अब क्षतिग्रस्त ढांचा फिर से खड़ा करने के लिए सरकार ने पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जिलों और विभागों को आवश्यक बजट भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने इस वर्ष राज्य में 530.66 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसमें से 244.67 करोड़ रुपये विभिन्न विभागों तथा 285.99 करोड़ रुपये सभी जिलों के लिए अनुमोदित किए गए हैं। जिलों की देनदारियां खत्म करने और आकस्मिक कार्यों के भुगतान के लिए सभी 13 जिलों को 2-2 करोड़ रुपये अतिरिक्त उपलब्ध कराए गए हैं।
जिलों में चंपावत को 38 करोड़, उधम सिंह नगर 28 करोड़, देहरादून 29 करोड़, हरिद्वार 13 करोड़, टिहरी 23 करोड़, चमोली 23.60 करोड़, रुद्रप्रयाग 15.39 करोड़, अल्मोड़ा 13 करोड़ और नैनीताल को 13 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके साथ उत्तरकाशी को 33 करोड़, बागेश्वर 13 करोड़, पिथौरागढ़ 28 करोड़ और पौड़ी को 16 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
विभागों को जारी बजट में लोक निर्माण विभाग को 77.33 करोड़, जल संस्थान 20 करोड़, यूएसडीएमए 20 करोड़, शिक्षा विभाग 20 करोड़, वन विभाग 15.52 करोड़, पेयजल विभाग 20 करोड़, ग्रामीण विकास 45 करोड़, यूपीसीएल 20 करोड़, राजस्व परिषद 2 करोड़ और ULMMC को 2.66 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि यह बजट नुकसान के आकलन और जिलों-विभागों की मांग के आधार पर जारी किया गया है ताकि पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्यों को तेजी से पूरा किया जा सके।






