वाराणसी, 25 अक्टूबर 2026:
यूपी के वाराणसी में भारतीय वायुसेना के तीन दिवसीय एयर शो का रविवार को समापन हो गया। नमो घाट पर आयोजित ‘Wings Over Ganga’ में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस और मिराज-2000 जैसे लड़ाकू विमानों ने अपनी ताकत दिखाई। हेलीकॉप्टरों के करतब, कम ऊंचाई पर उड़ान और आसमान में तिरंगा बनाते सूर्यकिरण विमानों को देखने के लिए गंगा घाटों पर सुबह से ही भीड़ जुटी रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अंतिम दिन के प्रदर्शन में शामिल हुए। आयोजन के बाद घाटों से निकल रही भीड़ के कारण आसपास की सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ।

नमो घाट पर मौजूद रहे सभी मेहमान
नमो घाट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई विशिष्ट अतिथि मौजूद थे। वहीं, श्री काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार ललिता घाट पर भी बड़ी संख्या में लोग एयर शो देखने पहुंचे। राफेल, सुखोई, तेजस और मिराज-2000 के गंगा के ऊपर से गुजरने के दौरान लोगों ने तस्वीरें और वीडियो बनाए। लड़ाकू विमानों की गर्जना और हवाई करतब के दौरान प्रधानमंत्री ने वायुसेना के प्रदर्शन की सराहना करते हुए तालियां बजाईं। नमो घाट पर मुख्य मंच के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

विमानों ने काशी फार्मेशन से की शुरुआत तिरंगे के रंगों से सजाया आसमान
एयर शो की शुरुआत ‘काशी’ फॉर्मेशन से हुई। तीन सूर्यकिरण विमानों ने वी आकार में उड़ान भरी और पीछे निकलने वाले रंगीन धुएं से आसमान में तिरंगे जैसी आकृति बनाई। गंगा के ऊपर विमानों की एक साथ उड़ान देखकर दर्शकों ने तालियां बजाईं। नमो घाट के अलावा अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट और रामनगर की ओर से भी लोग इस नजारे को देखते रहे।
हॉक विमानों ने दिखाए हवाई करतब
सी-17 ग्लोबमास्टर परिवहन विमान के नेतृत्व में नौ सूर्यकिरण हॉक विमानों ने ‘दशाश्व’ फॉर्मेशन में उड़ान भरी। मुख्य मंच के ऊपर से गुजरते विमानों ने दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके बाद सूर्यकिरण टीम ने एक साथ उड़ान भरते हुए हवाई करतब दिखाए। विमानों से निकलने वाले रंगीन धुएं ने गंगा के ऊपर तिरंगे जैसी छटा बिखेरी।
एरोबैटिक टीम के नौ विमानों के तालमेल को सराहा
सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के नौ विमानों ने समन्वित उड़ान से एयर शो के आखिरी पलों को खास बना दिया। एक साथ उड़ते विमानों की सटीक दूरी, दिशा में बदलाव और रंगीन धुएं से बनी तिरंगे की आकृति देखने के लिए नमो घाट से लेकर दूसरे गंगा घाटों तक लोग आसमान की ओर देखते रहे। कई दर्शकों ने इस नजारे को मोबाइल कैमरे में कैद किया।

सुखोई व तेजस विमानों ने खींचा ध्यान
सुखोई-30 एमकेआई के तीन विमानों ने नमो घाट के ऊपर से तेज गति में उड़ान भरी। समूह के विमानों ने अलग-अलग दिशाओं से गुजरते हुए अपनी गति और तालमेल का प्रदर्शन किया। ‘अस्सी’ फॉर्मेशन के तहत स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान एलसीए तेजस ने कम ऊंचाई पर हवाई प्रदर्शन किया। भारत में विकसित इस विमान की बनावट, त्रिकोणाकार पंख और एक इंजन इसकी खास पहचान हैं। तेजस की उड़ान ने दर्शकों को देश में विकसित लड़ाकू विमान की क्षमता देखने का मौका दिया।
लड़ाकू विमानों का ‘प्रचंड’ फॉर्मेशन बना आकर्षण
‘प्रचंड’ फॉर्मेशन में सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, तेजस और मिग-29 जैसे छह प्रकार के लड़ाकू विमानों को शामिल किया गया। विमानों ने तीर की नोक जैसी आकृति यानी एरोहेड फॉर्मेशन में उड़ान भरी। अलग-अलग आकार और बनावट वाले विमानों का एक साथ इस तरह उड़ना प्रदर्शन का प्रमुख आकर्षण रहा। वायुसेना की ब्रीफिंग में इस फॉर्मेशन को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रदर्शित युद्ध क्षमता से भी जोड़ा गया था। हालांकि, इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि सूची में शामिल हर विमान ने उस ऑपरेशन में हिस्सा लिया था।
राफेल विमानों ने ‘नीलकंठ’ फॉर्मेशन में दिखाई ताकत
फ्रांस में निर्मित राफेल लड़ाकू विमानों ने तीन विमानों के समूह में उड़ान भरी। ‘नीलकंठ’ फॉर्मेशन के दौरान तीनों विमानों ने गंगा के ऊपर से गुजरते हुए अपनी गति और आपसी तालमेल का प्रदर्शन किया। राफेल भारतीय वायुसेना का बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है, जिसका इस्तेमाल हवाई सुरक्षा और जमीन पर लक्ष्यों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में किया जा सकता है। विमानों की गर्जना सुनते ही घाटों पर मौजूद लोगों की निगाहें आसमान पर टिक गईं।

नौसेना के पी-8आई के साथ उड़े मिराज-2000
‘नटराज’ फॉर्मेशन में भारतीय नौसेना का पी-8आई समुद्री निगरानी विमान दो मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरता नजर आया। आकार में बड़े पी-8आई और लड़ाकू विमानों की संयुक्त उड़ान ने दर्शकों को अलग तरह का नजारा दिखाया। पी-8आई का इस्तेमाल समुद्री निगरानी और पनडुब्बी रोधी अभियानों में किया जाता है, जबकि मिराज-2000 बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है।
सी-295 और डोर्नियर विमानों ने बनाया ‘विक्ट्री फॉर्मेशन’
‘भैरव’ फॉर्मेशन में एक सी-295 और दो डोर्नियर विमानों ने मुख्य मंच के सामने से उड़ान भरी। तीनों विमानों ने एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाए रखते हुए विक्ट्री फॉर्मेशन का प्रदर्शन किया। इस प्रस्तुति में परिवहन और सहायक भूमिकाओं वाले विमानों की क्षमता देखने को मिली। सी-295 आधुनिक परिवहन विमान है, जबकि डोर्नियर विमानों का इस्तेमाल निगरानी, संपर्क और दूसरे सहायक कार्यों में किया जाता है।
गंगा के करीब पहुंचा चिनूक हेलीकॉप्टर
भारी परिवहन हेलीकॉप्टर चिनूक ने गंगा की लहरों के करीब उड़ान भरकर अपनी क्षमता दिखाई। दो रोटर वाला यह हेलीकॉप्टर भारी सामान और सैनिकों को ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। नमो घाट के सामने से गुजरते समय इसकी विशाल बनावट और रोटर की आवाज ने लोगों का ध्यान खींचा। गंगा के ऊपर इसकी उड़ान एयर शो के खास दृश्यों में शामिल रही।

‘भागीरथी’ फॉर्मेशन ने मन मोहा
‘भागीरथी’ फॉर्मेशन में स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर एलसीएच और अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भरी। दोनों प्रकार के हेलीकॉप्टरों को डायमंड यानी हीरे जैसी आकृति में उड़ान भरने के लिए रखा गया था। इस प्रस्तुति में हेलीकॉप्टरों के बीच दूरी बनाए रखने, दिशा बदलने और एक साथ उड़ान भरने का तालमेल देखने को मिला। एलसीएच भारत में विकसित हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जबकि अपाचे हमला करने वाले हेलीकॉप्टरों की श्रेणी में आता है। ग्रुप कमांडर दीपांकर के नेतृत्व में तीन चेतक हेलीकॉप्टरों ने तिरंगे के साथ उड़ान भरी।

सारंग टीम के हेलीकॉप्टर, सुखोई भी छाए रहे
भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीम ने दोपहर करीब 12:45 बजे अपने करतब दिखाए। ध्रुव यानी एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टरों से बनी टीम ने एक साथ उड़ान भरते हुए दिशा बदलने और अलग-अलग आकृतियां बनाने का प्रदर्शन किया। हेलीकॉप्टरों के बीच सटीक तालमेल और नियंत्रित मोड़ दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। ‘हनुमान’ कॉलसाइन के तहत सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान ने कम ऊंचाई पर एरोबैटिक प्रदर्शन किया। दो इंजन वाले इस विमान की तेज आवाज और तेजी से दिशा बदलने की क्षमता ने दर्शकों को रोमांचित किया। ‘वरुणा’ फॉर्मेशन में तीन एएलएच मार्क-III हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भरी। प्रदर्शन के दौरान रस्सी के सहारे जवानों को नीचे जलयान पर उतारने की प्रक्रिया दिखाई गई।

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने जारी किया विशेष डाक टिकट
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने वाराणसी के नमो घाट पर ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो के अवसर पर विशेष स्मारक डाक टिकट जारी किया। भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में तैयार इस टिकट पर गंगा के ऊपर उड़ान भरते लड़ाकू विमानों और काशी की सांस्कृतिक छवि को दर्शाया गया है। समारोह में वाराणसी की डाक प्रमुख समेत डाक विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
पीएम मोदी ने किया अरविंद लिमिटेड की नई फैक्ट्री का उद्घाटन
वाराणसी दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिर्जामुराद के खोचवां में अरविंद लिमिटेड की नई परिधान निर्माण इकाई का उद्घाटन भी किया। करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 7 से 8 एकड़ में तैयार इस प्लांट में स्पोर्ट्सवियर और अंडरगारमेंट्स का उत्पादन किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक, यहां जॉकी, यूएस पोलो और एरो जैसे ब्रांडों के लिए कपड़े तैयार किए जाएंगे।
Varanasi air show…Magnificent! https://t.co/nc1c5psdt8
— Narendra Modi (@narendramodi) October 25, 2026
300 से ज्यादा महिलाओं को मिला प्रशिक्षण, आगे बढ़ेगा रोजगार
नई इकाई में 300 से ज्यादा महिलाओं की भर्ती की जा चुकी है और उन्हें काम का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने प्लांट का निरीक्षण किया और वहां काम कर रही महिलाओं से बातचीत की। उन्होंने उनके काम, प्रशिक्षण और चुनौतियों के बारे में जानकारी ली। कंपनी की योजना के तहत आगे दो चरणों में विस्तार किया जाना है, जिससे पूर्वांचल में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
रोड शो जैसा दिखा माहौल, पीएम ने स्वीकार किया अभिवादन
रविवार की सुबह से ही वाराणसी के गंगा घाटों पर एयर शो देखने वालों की भीड़ बढ़ने लगी थी। नमो घाट पर प्रवेश के लिए सुरक्षा जांच और पास की व्यवस्था थी, जबकि अस्सी, दशाश्वमेध, ललिता और दूसरे घाटों पर भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। गंगा के दूसरी ओर रामनगर क्षेत्र में भी दर्शक जमा रहे। लोग मोबाइल फोन से विमानों के करतब रिकॉर्ड करते नजर आए। इस दौरान पीएम जब उद्घाटन के बाद एयर शो देखने के लिए आगे बढ़े तो दोनों ओर खड़ी हजारों की भीड़ का अभिवादन स्वीकार करने के लिए वाहन पर खड़े हो गए।






