न्यूज डेस्क, 18 मई 2026:
केरल की राजनीति में एक बड़ा सत्ता परिवर्तन सोमवार को देखने को मिला जब कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने औपचारिक रूप से सरकार बना ली। वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने केरल के 31वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर राज्य में कांग्रेस की वापसी का ऐलान किया। इसके साथ ही सीपीआई(एम) नेता पिनाराई विजयन के एक दशक लंबे शासन का अंत हो गया।
तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने वीडी सतीशन और 20 मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कई राज्यों के मुख्यमंत्री और विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। खास बात यह रही कि पूर्व मुख्यमंत्री और वामपंथी दिग्गज पिनाराई विजयन तथा भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखरन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

यूडीएफ गठबंधन ने हालिया विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें जीत लीं। वहीं एलडीएफ को 35 और भाजपा को तीन सीटों पर संतोष करना पड़ा। 9 अप्रैल को मतदान हुआ था और 4 मई को नतीजे घोषित किए गए थे। कांग्रेस की यह वापसी इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि दिवंगत ओमन चांडी के नेतृत्व में पार्टी आखिरी बार 10 साल पहले सत्ता में आई थी।
इस शपथ ग्रहण की एक और ऐतिहासिक खासियत रही। करीब 60 साल बाद केरल में पूरी कैबिनेट ने एक साथ शपथ ली। इससे पहले 1962 में तत्कालीन मुख्यमंत्री आर शंकर ने अपनी पूरी मंत्रिपरिषद के साथ शपथ ली थी।
सतीशन कैबिनेट में कांग्रेस और सहयोगी दलों के कई बड़े नेताओं को जगह मिली है। इनमें पीके कुन्हालीकुट्टी, रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन, सनी जोसेफ, मॉन्स जोसेफ, शिबू बेबी जॉन और अनूप जैकब जैसे दिग्गज शामिल हैं। वहीं 14 विधायक पहली बार मंत्री बने हैं, जिनमें पीसी विष्णुनाथ, रोजी एम जॉन, बिंदु कृष्णा, टी सिद्दीकी, केएम शाजी और ओजे जनीश प्रमुख हैं।
कांग्रेस ने विधानसभा स्पीकर और डिप्टी स्पीकर पद भी अपने पास रखे हैं। तिरुवनचूर राधाकृष्णन को स्पीकर और शनिमोल उस्मान को डिप्टी स्पीकर बनाया गया है। 22 मई को विधानसभा अध्यक्ष का औपचारिक चुनाव होगा जबकि 29 मई को राज्यपाल का नीतिगत संबोधन प्रस्तावित है। नई सरकार 5 जून तक अपना पहला बजट पेश कर सकती है।

केरल में ये नेता बने मंत्री
पीके कुन्हालीकुट्टी, रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन, सनी जोसेफ, मॉन्स जोसेफ, शिबू बेबी जॉन, अनूप जैकब, सीपी जॉन, एपी अनिल कुमार, एन समसुधीन, पीसी विष्णुनाथ, रोजी एम जॉन, बिंदु कृष्ण, एम लिजू, केएम शाजी, पीके बशीर, वीई अब्दुल गफूर, टी सिद्दीकी, केए तुलसी और ओजे जनीश।






