न्यूज डेस्क, 19 मार्च 2026:
मिडिल ईस्ट में तनाव अब खुली जंग के मुहाने पर पहुंच गया है। ईरान के तीन शीर्ष नेताओं सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी, बासिज फोर्स प्रमुख जनरल गुलाम रजा सुलेमानी और खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब की हत्या के बाद हालात तेजी से बिगड़ गए हैं। ईरान ने इन हमलों के लिए इजराइल को जिम्मेदार ठहराते हुए खाड़ी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने इन हत्याओं की पुष्टि करते हुए इसे कायराना कृत्य बताया और देश में शोक की घोषणा की। वहीं, नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामनेई ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि खून के हर कतरे का बदला लिया जाएगा। लारिजानी की हत्या को ईरान के नेतृत्व के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया पर भी असर पड़ सकता है।
इसी बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इजराइल की राजधानी तेल अवीव और मध्य क्षेत्रों पर क्लस्टर मिसाइलों से हमला किया। खुर्रमशहर-4 और काद्र मिसाइलों के हमलों में तेल अवीव के रमत गान इलाके में दो लोगों की मौत की खबर है।
तनाव तब और बढ़ गया जब दुनिया के सबसे बड़े नेचुरल गैस फील्ड से जुड़े ईरान के साउथ पार्स पर इजराइली हमले के बाद ईरान ने कतर के रास लाफान औद्योगिक क्षेत्र को निशाना बनाया। मिसाइल हमले से कतर के मुख्य गैस प्लांट में आग लग गई जिससे भारी नुकसान हुआ। इसके जवाब में कतर ने ईरान के दो राजनयिकों को निष्कासित कर दिया।
ईरान ने खाड़ी देशों को पहले ही चेतावनी दी थी कि वे अपने ऊर्जा ठिकानों को खाली कर दें अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस बीच अमेरिका ने भी हस्तक्षेप करते हुए होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 5000 पाउंड के बंकर बस्टर बम गिराए। अमेरिकी सेना का कहना है कि ये ठिकाने अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा बन रहे थे।
रूस ने ईरानी नेताओं की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए इसे उसकी संप्रभुता पर हमला बताया है। मौजूद हालात में यह संघर्ष अब क्षेत्रीय दायरे से निकलकर वैश्विक संकट का रूप लेता दिख रहा है।






