बाराबंकी, 13 फरवरी 2026:
रामनगर थाने में तैनात एक दरोगा पर एक महिला ने छेड़छाड़, मानसिक उत्पीड़न और निजी संबंध बनाने के लिए दबाव डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने आरोपी दरोगा अखिलेश यादव को लाइन हाजिर कर दिया है। पूरे मामले की जांच सीओ रामनगर गरिमा पंत को सौंपी गई है।
पीड़ित महिला के अनुसार एक पारिवारिक विवाद की जांच के सिलसिले में दरोगा उसके संपर्क में आए थे। शुरुआत में बातचीत सिर्फ जांच तक सीमित थी, लेकिन धीरे-धीरे फोन कॉल की संख्या और समय बढ़ने लगा। महिला का आरोप है कि दरोगा अक्सर उसे फोन कर लंबे समय तक बात करते थे। जब उसने इस पर एतराज जताया तो जांच प्रक्रिया का हवाला देकर बात टाल दी जाती थी।

महिला का कहना है कि कुछ समय बाद दरोगा का रवैया बदल गया। वह उसके घर आने लगे और उसे पढ़ी-लिखी व समझदार बताकर पति को छोड़ने और उनके साथ रहने की बात कहने लगे। बेहतर जिंदगी और नौकरी दिलाने का लालच भी दिया गया। जब महिला ने साफ इंकार कर दिया तो उसके पति को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई।
महिला ने बताया कि नौ फरवरी को उसने दरोगा अखिलेश यादव के खिलाफ लिखित शिकायत दी। इसके साथ ही एक वीडियो जारी कर अपना बयान भी सार्वजनिक किया। उसका आरोप है कि एक दिन दरोगा ने रास्ते में रोककर जबरन गाड़ी में बैठाने की कोशिश की और अभद्रता की। शोर मचाने पर आसपास के लोग जुटने लगे, तब वह किसी तरह वहां से निकल सकी।

महिला का कहना है कि उसने स्थानीय स्तर पर पहले भी दो-तीन बार शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित दरोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






