लखनऊ, 13 मई 2026:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेशी मुद्रा बचाने, पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने और सार्वजनिक संसाधनों के संयमित इस्तेमाल की अपील का असर यूपी में दिखाई देने लगा है। लखनऊ में वीआईपी कल्चर और सरकारी फिजूलखर्ची पर चोट करते हुए महापौर सुषमा खर्कवाल ने अपनी दो सरकारी गाड़ियों में से एक वाहन वापस कर दिया है। वहीं प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने नई दिल्ली से मेरठ तक मेट्रो और नमो भारत ट्रेन से सफर कर सार्वजनिक परिवहन अपनाने का संदेश दिया।
महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर निगम अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि जिन अधिकारियों को दो-दो सरकारी वाहन मिले हैं वे अब केवल एक वाहन का ही इस्तेमाल करें। इतना ही नहीं जिन कर्मचारियों या अधिकारियों को वाहन सुविधा का अधिकार नहीं है उनसे सरकारी गाड़ियां वापस लेने के आदेश भी जारी किए गए हैं।

महापौर ने कहा कि सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल केवल आवश्यकता के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से अनावश्यक आवाजाही कम करने और दिन में घर जाकर भोजन करने के बजाय टिफिन लेकर दफ्तर आने की अपील की, ताकि ईंधन की बचत हो सके। उन्होंने नगर आयुक्त गौरव कुमार को पत्र लिखकर पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा है।
नगर निगम में हर दिन करीब आठ हजार लीटर डीजल खर्च होता है। अधिकारियों के उपयोग के लिए लगभग 60 सरकारी वाहन आवंटित हैं। ऐसे में महापौर का मानना है कि यदि वाहन उपयोग में संयम बरता जाए तो बड़े स्तर पर ईंधन बचत संभव है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सफाई व्यवस्था और कूड़ा उठान जैसी जरूरी सेवाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ना चाहिए।
उधर, प्रदेश के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मंगलवार को नई दिल्ली से मेरठ तक की यात्रा मेट्रो और नमो भारत ट्रेन से कर आमजन को ऊर्जा संरक्षण और सार्वजनिक परिवहन अपनाने का संदेश दिया। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद यूपी में सरकारी तंत्र के भीतर सादगी और बचत की यह मुहिम अब और तेज हो सकती है।






