एंबुलेंस का सायरन सुनते ही रुक गई योगी की विजयादशमी शोभायात्रा, मरीज की जान के लिए तोड़ा प्रोटोकॉल!
गोरखनाथ मंदिर के मुख्य द्वार के पास भारी भीड़ में फंसी एंबुलेंस को मुख्यमंत्री ने तुरंत रास्ता देने का दिया निर्देश, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, लोग कर रहे संवेदनशीलता की सराहना

लखनऊ/गोरखपुर, 21 अक्टूबर 2026:
विजयादशमी के पावन पर्व पर गोरखपुर के गोरक्षपीठ से निकली पारंपरिक शोभायात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक फैसले ने मानवीय संवेदना को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। गोरखनाथ मंदिर के मुख्य द्वार के आगे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच जैसे ही एंबुलेंस का सायरन सुनाई दिया, मुख्यमंत्री ने बिना देर किए शोभायात्रा रुकवा दी। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को एंबुलेंस के लिए तत्काल रास्ता बनाने का निर्देश दिया। मरीज की जिंदगी को प्राथमिकता देने वाले इस कदम की अब सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है।
सायरन सुनते ही दिया रास्ता खाली कराने का निर्देश
गोरखनाथ मंदिर से मंगलवार शाम गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में पारंपरिक विजयादशमी शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के आगे बढ़ने के साथ ही मंदिर के मुख्य द्वार के आसपास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी हुई थी। इसी दौरान एक गंभीर मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस वहां पहुंची और भीड़ के कारण आगे बढ़ने में परेशानी होने लगी।
एंबुलेंस का सायरन सुनते ही योगी आदित्यनाथ ने स्थिति को समझा और अपने सुरक्षाकर्मियों को तत्काल रास्ता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उनके संकेत मिलते ही सुरक्षा कर्मियों ने मोर्चा संभाला और शोभायात्रा की गति रोक दी। मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं और नागरिकों ने भी सहयोग करते हुए रास्ता खाली कराया। इसके बाद एंबुलेंस बिना किसी रुकावट के आगे निकल गई। मरीज को ले जा रही एंबुलेंस के सुरक्षित निकलने के बाद ही शोभायात्रा दोबारा अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंटरनेट यूजर्स योगी की इस पहल को संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण से जोड़कर देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजन, परंपरा और सुरक्षा व्यवस्था के बीच भी किसी मरीज की जिंदगी को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है। विजयादशमी पर सामने आई यह पहल लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।






