लखनऊ, 1 मई 2026:
अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित श्रमवीर गौरव समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के श्रमिकों के लिए कई बड़े ऐलान किए। सबसे अहम घोषणा 15 लाख श्रमिकों को 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा देने की रही। इसके साथ ही एक करोड़ श्रमिकों को आयुष्मान योजना के तहत हेल्थ कार्ड देने की तैयारी की बात भी कही गई।
कार्यक्रम में ग्रेटर नोएडा में बनने वाले 300 बेड के ESIC अस्पताल के लिए जमीन आवंटन पत्र भी दिया गया। इसके अलावा नोएडा और आसपास के इलाकों में नई डिस्पेंसरी और स्वास्थ्य केंद्र खोलने की योजना सामने रखी गई। इसके अलावा अटल आवासीय विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र और टैबलेट दिए गए। प्रयागराज व वाराणसी के विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया। मंच से श्रमिकों को टूलकिट दी गई, जिसमें हेलमेट, बैग और टैबलेट शामिल रहे।

सीएम ने कहा कि उन्होंने बचपन में देखा कि लोगों से काम कराया जाता था, लेकिन भुगतान के समय टालमटोल होती थी। अब सरकार ने साफ कर दिया है कि ऐसा नहीं चलेगा। अगर किसी ने काम किया है तो उसे उसका हक मिलेगा, और जो भुगतान नहीं करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों के पास पहले सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं थी। अब सरकार ऐसी व्यवस्था कर रही है कि श्रमिकों को 5 लाख रुपए तक का बीमा मिले। इसके साथ ही एक करोड़ श्रमिकों को आयुष्मान योजना के तहत हेल्थ कार्ड देने की तैयारी चल रही है, ताकि बड़े अस्पतालों में भी उनका इलाज हो सके।
सीएम ने कहा कि विकास और समृद्धि के खिलाफ माहौल बनाने वाले लोग औद्योगिक अशांति फैलाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी उद्योगों में अशांति हुई है, वहां सिर्फ खंडहर बचे हैं। इसलिए प्रदेश में किसी भी हालत में औद्योगिक माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि श्रमिक हर मौसम में काम करता है, लेकिन लंबे समय तक वह अभाव में जीता रहा। जो दूसरों के लिए घर बनाता था, उसके पास खुद घर नहीं था। जो स्कूल बनाता था, उसके बच्चे पढ़ाई से दूर रहते थे। सरकार अब इस स्थिति को बदलने की कोशिश कर रही है।

सीएम ने बताया कि प्रदेश की 18 कमिश्नरी में अटल आवासीय विद्यालय बनाए गए हैं, जहां श्रमिकों के बच्चों के लिए पढ़ाई की बेहतर व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि अब श्रमिक का बच्चा भी आगे बढ़कर अधिकारी बनने की राह पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 से 2017 तक प्रदेश में करीब 14 हजार उद्योग लगे थे, जबकि 2017 के बाद यह संख्या बढ़कर 32 हजार हो गई। इससे 65 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला। उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर में ही 3 करोड़ से ज्यादा लोगों को काम मिला है।
सीएम ने कोरोना के समय को याद करते हुए कहा कि उस दौर में सरकार ने 14 हजार बसें भेजकर श्रमिकों को वापस लाने का काम किया। करीब एक करोड़ लोगों के रहने और खाने की व्यवस्था की गई। राशन कार्ड बनवाए गए और मुफ्त राशन दिया गया, जो अब भी जारी है।
उन्होंने कहा कि पहले गरीबों का हक बीच में ही खत्म हो जाता था, लेकिन अब 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है। जो लोग गरीबों का हक मारते थे, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। पिछले वर्षों में करोड़ों लोगों को आवास मिले हैं और बड़ी संख्या में घरों में शौचालय बनाए गए हैं। उन्होंने उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि अब गैस कनेक्शन के लिए भटकना नहीं पड़ता।
उन्होंने कहा कि देश के बड़े प्रोजेक्ट्स, अस्पताल, सड़कें और धार्मिक स्थल श्रमिकों की मेहनत से बने हैं। आज वही श्रमिक इन सुविधाओं का लाभ भी ले पा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद है कि श्रमिक का जीवन सम्मान के साथ आगे बढ़े। श्रमिकों के बच्चों के लिए पढ़ाई की बेहतर व्यवस्था की जा रही है। नोएडा के जेवर में मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय की आधारशिला रखी गई है, जहां श्रमिकों के बच्चों को दाखिला मिलेगा।
सीएम ने कहा कि श्रमिक कभी थकता नहीं, रुकता नहीं। उसकी मेहनत से ही देश आगे बढ़ता है। सरकार का प्रयास है कि उसे हर स्तर पर सुरक्षा और सम्मान मिले। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने श्रमिकों से सीधे बातचीत की। उन्होंने देसी अंदाज में कहा कि अब किसी की मजदूरी कोई नहीं हड़प सकता और सरकार उनके सम्मान की गारंटी देती है। वहीं केशव प्रसाद मौर्य ने भी श्रमिकों के योगदान को सराहा। समारोह में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, श्रम मंत्री अनिल राजभर, एमएसएमई मंत्री राकेश सचान समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।






