लखनऊ, 3 अप्रैल 2026:
सीएम हेल्पलाइन 1076 से जुड़े कर्मचारियों के वेतन व कामकाज से जुड़ी शिकायतों पर सरकार ने सख्त रुख दिखाया, जिसके बाद मामला तेजी से सुलझ गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए साफ कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए और किसी तरह की लापरवाही न हो। इसका असर ये हुआ कि एजेंसी को सभी मांगे माननी पड़ीं।
बता दें कि गुरुवार व शुक्रवार को लगातार दो दिन सीएम हेल्पलाइन 1076 के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे। यही नहीं विपक्षी दल सपा के मुखिया ने भी आज ही सवाल दागे। असम दौरे व अन्य कार्यक्रमों में व्यस्त मुख्यमंत्री ने कर्मचारी हितों का संज्ञान लिया। उनके निर्देश के बाद ही उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीडेस्को) की प्रबंध निदेशक को पूरे मामले की समीक्षा की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद कंपनी वी-विन प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधन के साथ उच्च स्तर पर बातचीत शुरू हुई। रिजल्ट ये रहा कि शुरुआत में जिस मुद्दे पर खींचतान थी, उस पर सहमति बन गई है।

सरकारी दखल के बाद कंपनी को अपना रुख बदलना पड़ा। कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग वेतन बढ़ाने की थी, जिसे कंपनी ने मान लिया। इसके साथ ही कार्यस्थल पर जरूरी सुविधाएं बेहतर करने का भी भरोसा दिया गया।
यूपीडेस्को की एमडी नेहा जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे मामले की बारीकी से जांच कराई गई। कंपनी को साफ तौर पर कहा गया कि वेतन से जुड़े मुद्दे प्राथमिकता पर सुलझाए जाएं और कर्मचारियों को बेहतर माहौल दिया जाए। आगे ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए निगरानी भी जारी रहेगी।

फिलहाल तेजी से हुई कार्रवाई के बाद हालात सामान्य हो गए हैं। कर्मचारी दोबारा अपने काम पर लौट आए हैं और हेल्पलाइन सेवाएं भी पटरी पर आ गई हैं। कर्मचारियों में इस फैसले के बाद राहत दिखी। हेल्पलाइन से जुड़े कर्मचारी हिमांशु विक्रम का कहना है कि लंबे समय से चल रहा वेतन का मामला आखिरकार सुलझ गया, जिससे सभी को बड़ी राहत मिली है। विकास यादव ने कहा कि समय पर दखल होने से समस्या ज्यादा नहीं बढ़ी और अब सभी लोग फिर से काम पर लौट चुके हैं। अंकित शुक्ला के मुताबिक, वेतन बढ़ाने और सुविधाएं सुधारने के फैसले के बाद काम करने का माहौल पहले से बेहतर हुआ है।






