
बदायूं ,14 मई 2025:
कचहरी परिसर में मंगलवार को उस समय हर कोई चौंक गया जब दो युवतियों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर और सिंदूर लगाकर विवाह रचा डाला। यह घटना न सिर्फ बदायूं जिले में बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है। आशा और ज्योति नाम की इन दो सहेलियों ने समाज की परंपराओं से अलग हटकर अपने रिश्ते को एक नई पहचान दी है।
दिल्ली के बेबी केयर सेंटर में काम करने वाली आशा ने अब अपना नाम बदलकर ‘गोलू’ रख लिया है और पति की भूमिका निभाएंगी, जबकि देहरादून की सिक्योरिटी एजेंसी में काम करने वाली ज्योति पत्नी बनी हैं। तीन महीने पहले दोनों की बातचीत शुरू हुई थी और अब यह दोस्ती प्यार में बदलकर विवाह के रूप में सामने आई है।
बताया जा रहा है कि दोनों को पहले एक मुस्लिम युवक ने शादी का झांसा देकर धोखा दिया था। इस धोखे से आहत होकर दोनों ने साथ जीने-मरने का फैसला लिया। मंदिर में हुए इस विवाह में दोनों ने सामाजिक आलोचनाओं की परवाह किए बिना अपने रिश्ते को खुलेआम स्वीकारा।
प्रशासनिक अफसरों ने फिलहाल इस मामले पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन आमजन में यह बहस छिड़ गई है कि क्या यह प्यार का साहसिक फैसला है या समाज के लिए नई चुनौती?






