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68500 शिक्षक भर्ती आंदोलन : 50वें दिन भी डटे अभ्यर्थी, दशहरे पर ‘आरक्षण चोर रूपी रावण’ का पुतला दहन का प्रयास

लखनऊ के ईको गार्डन में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक, अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से मांगी नियुक्ति, बोले- मिले न्याय तो परिवार के साथ मनाएंगे दीपावली

लखनऊ, 20 अक्टूबर 2026:

यूपी में 68500 शिक्षक भर्ती-2018 से जुड़े आरक्षण प्रकरण को लेकर अभ्यर्थियों का धरना-प्रदर्शन मंगलवार को लगातार 50वें दिन भी लखनऊ के ईको गार्डन में जारी रहा। विजयदशमी के मौके पर प्रदर्शनकारियों ने कथित आरक्षण घोटाले के विरोध में ‘आरक्षण चोर रूपी रावण’ का सांकेतिक पुतला दहन करने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस के विरोध के चलते वे इसमें सफल नहीं हो सके। इस दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच नोकझोंक भी हुई।

दशहरे पर सांकेतिक विरोध, पुतला दहन से पुलिस ने रोका

अभ्यर्थियों का कहना था कि वे विजयदशमी के पर्व पर सांकेतिक पुतला दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देना चाहते थे। उनका आरोप है कि 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों के कारण उन्हें अन्याय का सामना करना पड़ा है। प्रदर्शनकारियों ने इस मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए रावण के प्रतीक के माध्यम से अपना विरोध जताने की कोशिश की।

पुलिस प्रशासन ने पुतला दहन की अनुमति नहीं दी और अभ्यर्थियों को ऐसा करने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सांकेतिक रूप से अपना आक्रोश जाहिर किया। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री और बेसिक शिक्षा मंत्री से जल्द भर्ती का शेड्यूल जारी कर नियुक्तियां देने की मांग की। साथ ही राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति के अनुरूप कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों को चिह्नित कर विधिसम्मत कठोर कार्रवाई करने की मांग उठाई।

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‘नवरात्रि और दशहरा ईको गार्डन में बीता, अब परिवार के साथ मनानी है दीपावली’

आंदोलन की अगुवाई कर रहे अभ्यर्थी आशुतोष वर्मा ने कहा कि उनकी नवरात्रि और दशहरा ईको गार्डन में आंदोलन करते हुए बीता है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी चाहते हैं कि आने वाले दीपावली के पर्व को वे अपने परिवार के साथ हंसी-खुशी मना सकें। इसके लिए सरकार को बिना देरी किए नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ानी चाहिए। आशुतोष के मुताबिक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने गत 7 जुलाई को इस मामले में आदेश दिया था लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी उसका अनुपालन नहीं हुआ है।

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उन्होंने दावा किया कि 10 सितंबर को बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास पर हुई बातचीत के दौरान मंत्रियों और अधिकारियों ने आरक्षण विसंगति होने की बात स्वीकार करते हुए न्याय मिलने की आवश्यकता जताई थी। उनके अनुसार उस समय कहा गया था कि अभ्यर्थियों को न्याय मुख्यमंत्री के स्तर से मिलेगा।
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मंत्री से मुलाकात नहीं होने पर नाराजगी

अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि आश्वासन मिलने के बावजूद बेसिक शिक्षा मंत्री उनसे मुलाकात नहीं कर रहे हैं। इससे आंदोलनकारियों में नाराजगी बढ़ रही है। उनकी मांग है कि आरक्षण प्रकरण का जल्द समाधान कर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए जिससे लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिल सके।

प्रदर्शन में आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी और तूफान सिंह के नेतृत्व में रंजना जायसवाल, मोहित अहलावत, नसीम सिद्दीकी, शेरा, आशीष, मनोज कुमार, सच्चिदानंद, चंद्रशेखर, दीपक पटेल, विनोद, भूपेंद्र बालियान और मनीष पटवा समेत सैकड़ों अभ्यर्थी शामिल रहे। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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